शिवराज सरकार में किसानों की आत्महत्याएं जारी…? जाने और क्या क्या होगा

शिवराज सरकार में किसानो की आत्महत्याएँ जारी…? जाने और क्या क्या होगा

भोपाल / गरिमा श्रीवास्तव:-मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार जब से आई है तब से वह लगातार दावा कर रहे हैं कि का किसानों के हित में निरंतर प्रयास कर रहे हैं. कृषि मंत्री कमल पटेल ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के किसान एमएसपी पर नहीं बल्कि एमआरपी पर अपनी फसल भेजेंगे.

 पर क्या वाकई शिवराज सिंह चौहान की यह सरकार अपने दावों पर खरी उतर रही है या नहीं… जिस तरह से मध्य प्रदेश के किसानों की जमीनी हालात हैं उन्हें देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा है कि वह शिवराज सरकार के कामों से संतुष्ट हैं. स्थिति यहां तक बिगड़ गई है कि किसानों को आत्महत्या करना पड़ रहा है.
 जब किसान के पेट पर आर्थिक मार पड़ रही है ऐसे में उनके पास परिवार समेत या फिर अकेले आत्महत्या करने के अलावा कोई और दूसरा चारा नहीं है.

दमोह के बेलवाडा गाँव में एक किसान रूपलाल अहिरवार को सिंचाई के लिये बिजली नहीं मिलने से उसके द्वारा फाँसी लगाकर ख़ुदकुशी किये जाने की घटना बेहद दुखद है.
बिजली विभाग द्वारा केबल ज़ब्त करने की जानकारी व किसान को ख़राब फ़सल का मुआवज़ा नहीं मिलने की जानकारी भी सामने आयी है। आए दिन ऐसा देखा जा रहा है कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से किसानों को उसका भुगतान करना पड़ रहा है.
 जब चुनाव आते हैं तो यही राजनेता यही जनप्रतिनिधि जनता के दरवाजे पर भटकते रहते हैं पर चुनाव खत्म होते ही और जीत हाथ लगते ही इनके सभी वादे धरे के धरे रह जाते हैं. और जिसका भुगतान करना पड़ता है गरीब लोगों को….
 सरकार तरह-तरह के नियम बना रही है अलग-अलग तरीके से जनता से टैक्स वसूल रही है. कमाई का कोई भी जरिया नहीं है ऐसे में मजबूर जनता क्या करें.. उनके पास अब सिर्फ एक ही रास्ता बचता है वह भी आत्महत्या…
 पर इससे भी भाजपा सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा.. उन्हें तो सिर्फ वादे करने हैं. पर वादा निभाना भी पड़ता है यह उन्हें कौन समझाए…?? 
 जब फिर से चुनाव आने वाले होंगे तो यही राजनेता थोड़े बहुत काम करके जनता को लुभाने और फिर जनता से वोट इकट्ठा कर लेंगे.. और फिर से कुर्सी पर आसीन हो जाएंगे.. पर मासूम जनता की स्थिति जस की तस रह जाती है चाहे वह किसी की भी सरकार हो.

 किसान आंदोलन में 11 किसानों की हुई मौत:-
तीनों कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन दिन ब दिन तेज़ होता जा रहा हैं। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है किसान आंदोलन में अब तक 11 किसानों की मौत हो चुकी हैं। ये किसान पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों के निवासी थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तन्ना सिंह, जनकराज, गजन सिंह, गुरजंट सिंह, लखबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, मेवा सिंह, राममेहर, अजय कुमार, किताब सिंह और कृष्ण लाल गुप्ता की मौत हो चुकी हैं। 

इस आंदोलन में हुई किसानों की मौत को लेकर अब कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने इसको लेकर सवाल उठाया है, साथ ही मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा हैं। वायनाड सांसद राहुल गांधी ने एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए लिखा, 'कृषि क़ानूनों को हटाने के लिए हमारे किसान भाइयों को और कितनी आहुति देनी होगी?

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