क्या कृषि कानूनों में संशोधन कर बचना चाहती है मोदी सरकार?? किसान अपनी मांगों पर अड़े, सरकार ने मांगा वक़्त

नई दिल्ली – पिछले करीब 9 दिनों से दिल्ली की सर्दी में पंजाब के किसान डटे हुए हैं। अब उन्हें यूपी, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के किसानों का भी साथ मिल रहा हैं। किसानों का कहना है कि वो अपनी मांग मनवाकर ही वापस हटेंगे, वो पूरी तैयारी के साथ आए हैं। 

वहीं, गुरुवार को फिर किसानों की सरकार के साथ बैठक हुई। किसानों ने तब भी अपने तेवर नहीं छोड़े। किसान नेताओं का कहना है कि, “आंदोलन वापसी का कोई सवाल नहीं हैं। सरकार ने बातचीत की कोशिश की है लेकिन हमारी मांग है कि कानून वापस होना चाहिए। सरकार संशोधन की कोशिश में लगी हैं। सरकार ने विचार को लिए एक दिन का वक्त मांगा हैं। 

बता दे कि गुरुवार को कृषि कानूनों के विरोध में करीब आठ घंटे सरकार और किसानों के बीस बातचीत का दौर चला, बावजूद इसके कोई हल नहीं निकला। 

इधर, किसानों के साथ हुई बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों ने कुछ मुद्दे उठाए हैं, जिनपर सरकार ने जवाब दिया हैं।  सरकार किसी तरह का इगो नहीं रख रही हैं। किसानों को APMC एक्ट, MSP के विषय पर कुछ चिंताएं हैं। इसके अलावा किसान बिजली बिल एक्ट, प्रदूषण के मसले पर भी सरकार से कुछ सफाई चाहते हैं। 

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की हर बात को सुनेगी, किसानों ने जो कोर्ट के मसले पर ऑप्शन को कहा है सरकार उसपर विचार करेगी। MSP पर किसानों को किसी तरह का घाटा नहीं होने दिया जाएगा। 

इसके अलावा कृषि मंत्री ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि सर्दी को देखते हुए किसान भाई आंदोलन समाप्त करें। बातचीत का सिलसिला जारी हैं।  बातचीत के दरवाजे बंद नहीं है इसलिए किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करता हूं। ताकि दिल्ली के लोगों को जो परेशानी हो रही है वो भी दूर हो। 

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