
किसान आंदोलन : पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि ‘‘बहुमत का मतलब यह नही कि सरकार मनमानी करे’’
जयपुर/ राजकमल पांडे| किसान पिछले 78 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डेट हुए हैं, जिसमे देश के कई किसान यूनियन और पार्टी स्तर के नेता कृषि कानूनों वापसी को लेकर केंद्र सरकार पर दवाब बनाए हुए है. इसी बीच कांग्रेस नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि वह बहुमत के आधार पर मनमानी नहीं कर सकती और उसे देश भर की जनता की आवाज सुनते हुए इन कानूनों को तत्काल वापस लेना चाहिए.
पायलट ने कहा कि भाजपा वालों ने ‘‘किसान से आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन जब उस पर संकट आया तो पूरी पार्टी किसानों के खिलाफ खड़ी है। आज पूरे देश का किसान भाजपा को उसके चुनावी वादे याद दिलाना चाहता है. केंद्र सरकार को अपना अहम छोड़ना चाहिए, बहुमत के आधार पर आप मनमानी नहीं कर सकते, हम किसानों की मांग के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे.’’
वहीँ साथ ही पूरे देश में किसानों की आवाज को हम पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं और एक ही मांग है कि केंद्र सरकार को ये तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए. किसानों के मुद्दों को लेकर हम हमेशा से अपने किसान भाइयों के साथ रहे हैं।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट के अनुसार सरकार को अपनी जिद व अड़ियल रवैये को छोड़कर जनता की बात सुननी चाहिए और तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने चाहिए. ताकि देश के किसान जल्द अपने घर वापसी सकें कर.