चुनाव आयोग ने सरकार को भेजा प्रस्ताव, कही ये बात, प्रदेश में हलचल तेज़

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर अक्टूबर के अंत तक उपचुनाव होने हैं। जिसको देखते हुए चुनाव आयोग के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी रणनीतियों पर कार्य करना शुरू कर दिया हैं। दोनों प्रमुख दल चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। इसके साथ ही चुनावी सभाएं भी की जा रहीं हैं। 

इसी बीच चुनाव आयोग ने शासन को 30 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव भेजा हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में जिलों से मिले प्रस्ताव के बाद सरकार को ये प्रस्ताव भेजा हैं। दरअसल, कोरोना के चलते उपचुनाव में इतना ख़र्चा होना लगभग तय माना जा रहा हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार, मतदान केंद्रों में मास्क, तापमान नापने के लिए थर्मल स्कैनर मशीन, पीपीई किट आदि का इंतजाम होगा। इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए लगभग 13 हज़ार लीटर सैनिटाइजर लगेगा। मतदान अधिकारी-कर्मचारियों के लिए 54 हज़ार फेस शिल्ड कवर, तो 30 लाख से ज्यादा दस्ताने भी मतदाता केंद्र पर रखवाए जाएंगे। 

बताया जा रहा है कि प्रदेश में 1379 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

वहीं, इस से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए प्रदेश के तीन कमिश्नर को हटाए जाने का निर्णय लिया हैं। जिसमें सागर से कमिश्नर (Sagar) जेके जैन, ग्वालियर से कमिश्नर (Gwalior) एमबी ओझा (MB Ojha) और चंबल से कमिश्नर (Chambal) कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा का नाम शामिल हैं। 

Exit mobile version