त्रिशूर के 80 साल के जोसेटन ने केरल से लद्दाख तक 4500 किलोमीटर का सफर साइकिल से पूरा कर रचा इतिहास

त्रिशूर के 80 साल के जोसेटन ने केरल से लद्दाख तक 4500 किलोमीटर का सफर साइकिल से पूरा कर रचा इतिहास
  • 80 वें जन्मदिन पर 4500 किमी साइकिल चलाई
  • केरल से लद्दाख तक 4500 किलोमीटर का साइकिल से सफर
  • साइकिल यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की समस्या का सामना करना पड़ा

भोपाल/स्वाति वाणी:- 
केरल के त्रिशूर के रहने वाले 80 साल के जोसेटन ( जोस ) ने शनिवार को 4500 किलोमीटर का सफर साइकिल से पूरा कर इतिहास रच दिया है। जीवन के 80 साल पूरे कर चुके जोस ने केरल से लद्दाख तक का 4500 किलोमीटर का सफर साइकिल से पूरा किया। उनके 80वें जन्मदिन पर किए गए इस ऐतिहासिक सफर में उनके सहयोगी गोकुल पीआर ने समर्थन किया।

अचानक हुई बर्फबारी के कारण वह आगे का सफर रुका 
त्रिशूर के एक स्थानीय निवासी जोसेटन ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क जो खारदुंगला से सिर्फ 34 किमी दूर है। शनिवार को अचानक हुई बर्फबारी के कारण वह आगे का सफर पूरा नहीं कर पाए हैं। उनके साथ गए गोकुल 2013 में भी एक बार ऐसा सफर कर चुके हैं। गोकुल की पत्नी और 14 साल की बेटी फ्लाइट से लद्दाख पहुंची और फिर आगे की यात्रा में शामिल हुईं।

साइकिल यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की समस्या का सामना करना पड़ा
त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्लंबर के रूप में सेवानिवृत्त हुए जोस ने कहा कि साइकिल यात्रा के दौरान उन्हें कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई।  उन्होंने कहा, "जब मैं लगभग नौ दिन पहले लेह पंहुचा तो मुझे ऑक्सीजन की समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन मेरे साथी साइकिल चालकों ने ऑक्सीजन की कृत्रिम आपूर्ति प्रदान करके मेरा समर्थन किया।

उच्च सुरक्षा क्षेत्रों से गुजरने के लिए मिला सेना से समर्थन
जोस साइकिलिंग के अलावा मैराथन और तैराकी में भी हिस्सा लेते हैं। जोस की पत्नी और तीन बच्चे उसकी उपलब्धि को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा चिंतित भी हैं। जोस के साथ आए गोकुल के चचेरे भाई, अजयन, भारतीय सेना में एक ब्रिगेडियर हैं, और उनके माध्यम से उन्हें उच्च सुरक्षा क्षेत्रों और कठिन इलाकों से गुजरने के लिए सेना से व्यापक समर्थन मिला।