
श्रीलंका : श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में COVID महामारी की शुरुआत के बाद से लगातार गिरावट आई है। जिससे 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को भोजन और दवाइयों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। यह 1948 के बाद देश में सबसे बड़ा आर्थिक संकट है। दरअसल चीन से नजदीकी और उससे मिला भारी कर्ज देश की इकोनॉमी पर भारी पड़ी। इन सबके चलते श्रीलंका 51 अरब डॉलर के कर्ज में डूब गया।
वहीं, लगातार गहराते आर्थिक संकट के बीच राजपक्षे सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। हजारों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के पास पैसा इसलिए नहीं है, क्योंकि उसने सब कुछ चीन को बेच दिया है। वह आम लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है। बुधवार को भी श्रीलंका में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इधर, श्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए भारत ने 1 बिलियन अमरीकी डॉलर का कर्ज देने का भी ऐलान किया है। इसके अलावा भारत अब तक 2.70 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्यूल श्रीलंका भेज चुका है। बता दे कि मंगलवार और बुधवार को भारत से 36 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल और 40 हजार मीट्रिक टन डीजल श्रीलंका पहुंचा है।
वहीं, श्रीलंका को जरूरी दवाइयां भी भेजी हैं।