
- महामारी के दौरान सरकार नहीं ले रही अतिथि विद्वानों के हित में फैसला,
- अतिथिविद्वानों ने किया चंबल संभाग में पदयात्रा आंदोलन का ऐलान
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मंत्रिमंडल विस्तार के 25 दिन पूरे हो चुके हैं पर अभी तक फालेन आउट अतिथि विद्वानों के हित में कोई फैसला नहीं लिया गया..
जिसके बाद फॉलन आउट अतिथि विद्वानों ने यह ऐलान किया है कि वह चंबल संभाग में पदयात्रा कर आंदोलन करेंगे..
बता दें कि ग्वालियर-चंबल संभाग का “महाराज” ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहा जाता है, जब सत्ता में कमलनाथ की सरकार थी तब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि विद्वानों के साथ सड़क पर उतरने की बात कही थी, फिर सरकार भी बदल गई और सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए
जिसके बाद भी उन्होंने वादा किया कि अतिथि विद्वानों के हित में जल्द से जल्द फैसला लिया जाएगा पर 8 महीने पूरे हो चुके हैं अभी तक अतिथि विद्वानों की सेवा में बहाली नहीं हो पाई है..
मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार हो गया मंत्रियों के विभाग की बाट दिए गए पर अतिथि विद्वानों की स्थिति जस की तस है..
अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ सुरजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि उन्होंने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से इस विषय पर चर्चा की थी, जिसके बाद वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया था कि अतिथि विद्वानों के हित में जल्द फैसला लिया जाएगा.. सभी रुकी हुई फाइलों को जल्द अप्रूवल देंगे…
अयोध्या शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वादा किया है तो वादा जरूर पूरा किया जाएगा.. अध्यक्ष भदौरिया ने कहा कि हमारे 5 फॉलन आउट अतिथि विद्वान साथ ही आर्थिक स्थिति से जूझते हुए मौत के मुंह में समा गए,. अतिथि विद्वानों की आर्थिक दशा दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, ऐसे में यह डर है कि कहीं कुछ और अतिथि विद्वान साथी आत्महत्या न कर बैठे….