Chhatisgarh : एक अभागा बाप और सच्चा सिपाही नहीं कर पाया अपने एक साल के बेटे का अंतिम दर्शन 

PC : Dainik Bhaskar

Bhopal Desk ,Gautam

एक देश के सिपाही का काम कितना मुश्किल है इसका अंदाज़ा आपको इस खबर से लगेगा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के घोटपाल के रहने वाले राजकुमार नेताम SSB में हवलदार हैं और इस वक़्त बॉर्डर पर पोस्टेड हैं। उनका 1 साल का एक बेटा था जिसकी मृत्यु हो गई पर लॉक डाउन और कोरोना के वजह से वे इसमें शामिल नहीं हो पाए। विडिओ कालिंग के माध्यम से उन्होंने अपने बेटे का अंतिम बार चेहरा देखा।

राजकुमार नेताम के तीन बच्चे थे दो  बिटिया और एक बेटा। बेटे का नाम आदित्य था जिसकी उम्र मात्र 1 वर्ष बताई जा रही है। आदित्य को ट्युमर था जिसका इलाज़ हैदराबाद में चल रहा था और अब वह ठीक हो चूका था। लेकिन बुधवार को उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई और जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। राजकुमार ने आने कि पूरी कोशिश कि लेकिन लोक डाउन के वजह से आना मुमकिन नहीं था। 

देश की सेवा और सुरक्षा मेरा पहला कर्तव्य है
दैनिक भास्कर से बात करते हुए राजकुमार ने कहा कि ''आखिरी बार बेटे को नहीं देख पाया। देश की सेवा और सुरक्षा मेरा पहला कर्तव्य है। मैंने अधिकारियों को जानकारी दी थी। सभी ने साथ दिया, मैं किसी तरह बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंच जाऊं, इसके लिए सभी ने पूरी कोशिश की। लेकिन लॉकडाउन के कारण बेटे को अंतिम बार देखने नहीं आ सका। मुझे जीवनभर इसका मलाल रहेगा। जैसे ही हालात सामान्य होंगे मैं परिवार के पास आऊंगा। लेकिन दुख इस बात का है इस बार बेटा मेरे साथ नहीं होगा। मैं जहां ड्यूटी पर हूं, यहां नेटवर्क भी मुश्किल से मिलता है। ऐसे में खराब नेटवर्क के बीच वीडियो कॉलिंग पर बेटे की अंतिम यात्रा के दर्शन किए।''

(इनपुट दैनिक भास्कर )

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