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मध्यप्रदेश सरकार की लापरवाही: भंडारण की सही व्यवस्था न होने के कारण ओपन कैम्पो में रखा अनाज हो रहा खराब
- अनाज का उचित भंडारण नहीं कर पा रही सरकार
- लाखो करोड़ो का अनाज प्रत्येक वर्ष सड़कर खराब हो रहा
- 3-3 साल का धान और गेंहू ओपन कैम्पो में रखा हुआ
भोपाल:
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों से फसल तो खरीद ली है लेकिन उस फसल का उचित भंडारण नहीं कर पा रही है, जिसकी वजह से ओपन कैम्पो में रखा अनाज खराब हो रहा है। अनाज के भंडारण हेतु वेयर हाउस की सही व्यवस्था न होने के कारण किसानों द्वारा मेहनत से उपजाई गई फसल खराब हो रही है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों की फसल खरीदने का दावा तो करते है लेकिन उचित भंडारण की ब्यवस्था न होने के कारण लाखो करोड़ो का अनाज प्रत्येक वर्ष सड़कर खराब हो जाता है।
ओपन कैम्पो में मात्र 3 महीने तक ही भंडारण के नियम है और हकीकत भी यही है कि ओपन कैम्पो में त्रिपाल ढकने के बावजूद भी नमी ,कीड़े मकोड़ो और चूहों द्वारा वारदानों को क्षति पहुचाये जाने के कारण स्टेक धराशाई हो जाते और ऐसी स्थित बरसात के सीजन में बनती है पुनः स्टेक बनाने पर अनाज भीग जाता है या उसमें नमी आ जाती है जिस कारण 2-3 साल रखे रहने पर अनाज खाक हो जाता है।
3-3 साल का धान और गेंहू ओपन कैम्पो में रखा हुआ है वैसे तो ओपन कैम्पो में 3 महीने तक अनाज भंडारित करने के प्रावधान है लेकिन 3-4साल पुराना धान और गेंहू ओपन कैम्पो में स्टॉक रहता है जिस कारण अनाज सड़कर खराब हो जाता है और किसानों द्वारा मेहनत से उगाए अनाज के खराब होने से शासन को करोड़ो रूपये की क्षति होती है।