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बड़वानी:- इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं, कंट्रोल रूम के डॉक्टर ने कुष्ठ रोगी महिला का घर पहुंचकर किया उपचार

 

  • कन्ट्रोल रूम में पदस्थ डाक्टर ने कुष्ट उपचारित वृद्ध महिला के घर पहुंचकर किया उपचार

बड़वानी से हेमंत नागजीरिया की रिपोर्ट:-कहते हैं मानवीय संवेदनाएं, काल परिस्थिति अनुसार हर किसी व्यक्ति में स्वत ही जागृत होती है । जिससे वह बिना भय के ऐसे कार्य कर देता है जिसके लिये वह समाज में आदरणीय बन जाता है और अगर मदद करने वाला व्यक्ति डाक्टर हो तो उसे भगवान के समतुल्य मानने में कोई देर नही करता ।  और ऐसी ही संवेदना किसी युवा चिकित्सक में देखने को मिले, तो यह किसी संजीवनी से कम नहीं होती । जिला कंट्रोल रूम पर पदस्थ डॉक्टर चंद्रशेखर पाल ने इस बार एक वृद्ध की मद्द कर पुनः समाज, अपनी डाक्टर बिरादरी के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है।

शुक्रवार को कंट्रोल रूम में पैरा लीगल वालंटियर एवं आशा ग्राम ट्रस्ट के पीआरओ सचिन दुबे द्वारा फोन कर डॉक्टर को अवगत कराया कि आशाग्राम में निवासरत कुष्ठ उपचारित 62 वर्षीय श्रीमती ग्यारसी बाई अपने घर पर ही गिर गई है तथा उसके सीधे पैर में चोट लगने से रक्त भी बह रहा है तथा पैर में सूजन भी आ गई है ।  जिस पर डॉक्टर पाल के फोन के माध्यम से ही उचित परामर्श देकर आश्वस्त किया कि वे शाम को ड्यूटी समाप्त हो जाने के पश्चात् स्वयं महिला के घर आकर उसे देख लेंगे । शाम को ड्यूटी के उपरान्त महिला के घर पहुंचने पर डॉक्टर पाल ने पाया कि महिला के पैर में मोच आ गई है। जिसके कारण उसकेे पैर पर क्रेप बैंडेज  बांधना जरूरी है । इस पर डाॅ. पालन ने स्वयं महिला के पैर पर केप बैण्डेज बांधकर उसे राहत उपलब्ध कराई, वही आवश्यक दवाईयाॅ भी अपने पास से उपलब्ध कराई । 

सच है परेशानी कभी कहकर नही आती, किन्तु धैर्य रखने पर हमेशा मददगार, हर जगह – हर समय मिल जाते है।

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