
मध्यप्रदेश/जबलपुर(Jabalpur) – : मेडिकल कॉलेज(Medical College) के आसपास की दवा दुकानों(Medical shop) में सेनेटाइजर की जांच करने गए एक ड्रग इंस्पेक्टर (Drug inspector)ने दुकानदारों से 10-10 हजार रुपए की मांग की।इस अवैध वसूली से नाराज़ दुकानदार एकजुट हो गए। रुपए नहीं देने पर दुकान बंद कराने की धमकी देते ही दुकानदारों ने ड्रग इंस्पेक्टर को घेर लिया। मामला बिगड़ता देख ड्रग इंस्पेक्टर वह से कार छोड़कर मौके से भागा गया।जब इस घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंची। दवा दुकान संचालकों की शिकायत के बाद सम्भागायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन पटेल(Ramlakhn patel) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
कहा जा रहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन पटेल मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में दवा दुकानों में सेनेटाइजर व मास्क की जांच करने पहुंचे थे। दुकानदारों के अनुसार दुकानों में तय रेट पर सेनेटाइजर बेचे जा रहे थे। आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर ने दबाव बनाकर 10-10 हजार रुपए की मांग की। इससे दुकानदार भड़क गए। नेहरू नगर व्यापारी संघ के अध्यक्ष रोहित तिवारी(Rohit Tiwari) के साथ दुकानदारो ने प्रशासन और पुलिस को लिखित शिकायत की।इसके बाद एसडीएम(SDM), टीआइ(TI), जबलपुर केमिस्ट एंड ड्रग एसेासिएशन के अध्यक्ष सुधीर बठीजा, सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
जिले से बाहर करने की मांग
दुकानदारों ने अचानक दुकानें बंद कर अघोषित हड़ताल पर चले गए। मेडिकल सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में दवा दुकानें बंद कर दी गई। दवा कारोबारियों में लगातार शिकायत के बाद भी ड्रग इंसपेक्टर पर कर्रवाई नहीं होने से नाराज़गी थी।
डीआइ(DI) रामलखन का विवाद का नाता हमेसा से रहा है। वे लॉकडाउन से पहले भी निलंबित कर डिंडोरी में अटैच किए गए थे। परतु कुछ दिन पहले ही बहाल होकर दोबारा जिले में आ गए थे । हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र में रात के समय दवा दुकानों की जांच को लेकर चर्चा में आए थे। तब भी दुकानदारों ने रामलखन पर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। मामला बिगडऩे और निलंबित की स्थिति बन गई थी ,तो दुकानदारों से लिखित में माफी मांग ली थी।