
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तनातनी चल रही थी। दरअसल हालही में ज्योतिरादित्य सिंधिया अतिथि शिक्षकों के समर्थन में उतरे थे, साथ ही कमलनाथ सरकार को उसका वचन पत्र याद दिलाते हुए सड़को पर उतरने की बात कहीं थी। जिस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कह गए कि यदि सिंधिया सड़क पर उतरने की बात करते हैं तो फिर उतर जाएं।
सीएम कमलनाथ के इस बयान पर कई राजनीतिक मायने निकाले गए कि दोनों के बीच अब तनातनी इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब संबंध सामान्य होना मुश्किल हैं।
इसी बीच अब खबर है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहीं तनातनी अब थम गई हैं।
सूत्रों की मानें तो अब दोनों के बीच कोई तनातनी नहीं हैं। इन दोनों के बीच संबंध सामान्य करने में बड़ी भूमिका मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने निभाई हैं।
जानकारी के अनुसार दीपक बावरिया ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह समझाया और इस का भरोसा भी दिलाया है कि कमलनाथ की ओर से उनके प्रति किसी भी तरह का कोई दुराग्रह या अपमान का भाव नहीं हैं। दीपक बावरिया ने सिंधिया को समझते हुए कहा कि कांग्रेस में उनका महत्व जितना विधानसभा चुनाव के पहले था उतना अभी भी है और सही समय पर उन्हें सही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।