गाँव में हूँ और ये बताने गाँव से 5 किलोमीटर दूर आया हूँ

गाँव में हूँ और ये बताने गाँव से 5 किलोमीटर दूर आया हूँ

गौतम कुमार की रिपोर्ट 

पीएम नरेंद्र मोदी के कई सपने हैं। यह वे सपने है जो उन्होंने भारत की जनता को उस वक्त दिखाया था जब उन पर उसे सबसे ज्यादा भरोसा था। चाहे वह देश को आतंकवादियों से बचाने की बात हो देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात हो या देश को चौमुखी विकास से जोड़ने की बात हो, ऐसा ही एक कार्यक्रम था डिजिटल इंडिया कैंपेन। डिजिटल इंडिया कैंपेन के तहत भारत के सभी गाँवों को इंटरनेट से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। लेकिन उन कोशिशों को मूर्त रूप देने में पीएम और उनका मंत्रिमंडल कितना कामयाब हुआ है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि मैं अपने गांव से 5 किलोमीटर दूर आपको यह बात बताने आया हूं।

बिहार के गया जिले में एक पिछड़ा विधानसभा है अतरी और उसी में एक पिछड़ा प्रखंड भी है मोहड़ा और उसी मोहड़ा प्रखंड के बेलारु गांव की यह दास्तां है। उस गांव की स्थिति का अंदाजा आप इसी से लगा लीजिए की मुझे इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए गांव से 5 किलोमीटर दूर किसी दूसरी जगह आना पड़ा है। अब उस गांव की लोगों की कनेक्टिविटी की जिम्मेदारी या तो सरकार नहीं लेना चाहती या फिर सरकार ने किसी और के भरोसे छोड़ रखा है।

कोई दूसरा कहता तो एक बार यकीन नहीं होता कि किसी बड़े बिजनेसमैन की बड़ी कंपनी के होते हुए और देश को नेट का एक सैलाब देने वाले कंपनियां भी इन क्षेत्रों में कुछ ज्यादा नहीं कर पा रहे हैं। सरकार लाख वायदे करे कि हर एक ग्राहक और हर एक आदमी को इंटरनेट से जोड़ना उसका लक्ष्य है। लेकिन जब आप जमीनी स्तर पर देखते हैं तब आपको यह सारी बातें सिर्फ ढकोसला दिखाई देती है। एक ऐसा ढकोसला जो सिर्फ आपको सपने दिखा सकती है उन्हें पूरा करवाना उनके बस का नहीं।

सरकार कई सारे योजनाएं चलाती कुछ ऑनलाइन होती हैं कई ऑफलाइन होते हैं।  जो योजनाएं ऑफलाइन होती है वह तो इस स्तर तक पहुंच ही नहीं रही हैं। लेकिन जो ऑनलाइन योजनाएं इस स्तर के लोगों तक पहुंचाई जा सकती है उसके लिए भी सरकार कुछ खास तैयार नहीं दिखटी है। सिर्फ यही एक गांव नहीं है यहां आस-पास के ऐसे कई सारे गांव हैं जहां इंटरनेट की व्यवस्था तो दूर लोग अपने घर के कमरे में बैठे हुए लोगों से फोन पर बात भी नहीं कर सकते हैं।

इसे आप सरकार की अनदेखी कहें यहां पर यहां के लोगों की या उनकी नाकामी यह मैं आप पर छोड़ देता हूं। लेकिन अगर जो डिजिटल इंडिया कैंपेन को सफल बनाना है और इस देश को सच में विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। तो इसके लिए यह आवश्यक है कि अब वह हर एक बातें जो उनके हित की है उन तक पहुंचाएं और ऑनलाइन मीडिया अब एक ऐसा प्लेटफार्म प्रदान करती है जिसके इस्तेमाल से आप किसी के पास भी कहीं भी मिनटों में पहुंच सकते हैं और उन तक अपनी बात भी पहुंचा सकते हैं।

राज्य सरकारें केंद्र सरकार जिला पंचायत यहां तक कि ग्रामीण स्तर के नेताओं को भी इस बारे में सोचना चाहिए क्योंकि जब तक ऐसे लोग खुद आगे नहीं आएंगे ग्राम का जिले का और वहां के लोगों का विकास होना मुश्किल ही नहीं इस देश में नामुमकिन है। 

सबसे मज़े की बात तो यह है कि यहाँ बीएसएनएल अब भी फुल नेटवर्क से बात करवाता है।