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Sidhi : आए दिन इस नदी से मिल रहे नवजातों का शव, आखिर क्या है इसके पीछे का रहस्य!

संवाददाता गौरव सिंह की रिपोर्ट 

सीधी शहर के बीचो बीच बहने वाली सूखा नदी से इन दिनों नवजातों का शव मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों से इस नदी से दर्जन भर से ज्यादा नवजातों के शव बरामद हो चुके हैं। इस नदी के आसपास कई निजी नर्सिंग होंम, क्लीनिक संचालित हैं, जहां से शव इस नदी में फेंके जाने की आशंका लंबे समय से बनी हुई है किंतु प्रशासन की सुस्ती के कारण आज दिनांक तक एक भी मामले का खुलासा नहीं हो पाया। मंगलवार की सुबह करीब ११ बजे इस नदी में राहगीरों के द्वारा एक नवजात का शव तैरते हुए देखा गया। जिसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस स्थल पर पहुंचकर पंचनामा तैयार करने के बाद स्वीपरों की मदद से शव को नाले से बाहर निकालकर पोस्ट मार्टम कराया गया।

बता दें कि सूखा नदी का नाम सूखा इसलिए पड़ा क्योंकि यहां सूखा रोग से पीडि़त बच्चों को स्नान कराने से सूखा रोग दूर हो जाता था, किंतु अब यह नदी सूखा रोग को दूर करने के लिए नहीं बल्कि यहां से आए दिन मिलने वाले नवजातों के शव को लेकर बदनाम हो रही है। सबसे बड़ी चौकाने वाली बात यह है कि इस नदी से पिछले कुछ वर्षों में जितने भी नवजातों के शव बरामद किए गए हैं वह सभी कन्याओं का शव मिला है, जिससे भ्रूण हत्या की ओर आशंका की सुई घूम रही है किंतु पुलिस मर्ग कायम करने के बाद मुस्तैदी नहीं दिखा पा रही है जिसके कारण आज दिनांक तक वास्तविकता से परदा नहीं हट सका है।

पांच घंटे बाद हुआ पीएम
सीधी शहर के कलेक्ट्रेट मार्ग से गुजरने वाली सूखा नदी के पुल के नीचे राहगीरों के द्वारा मगलवार सुबह करीब ११ बजे पानी में तैरता नवजात का शव देखा गया। जिसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस स्थल पर पहुंचकर पंचनामा तैयार की, वहीं स्वीपरों को बुलाकर शव को पानी से निकलवाकर चीरघर लाया गया। शव परीक्षण के लिए चिकित्सकों को सूचना दी गई, किंतु चिकित्सक पीएम करने में आने के लिए आनाकानी करते रहे, करीब पांच घंटे विलंब से चिकित्सक पोस्ट मार्टम करने पहुंचे। पीएम के बाद शव को चीरघर के बगल में ही गढ्डा खुदवाकर दफना दिया गया।

पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की हो पाएगी पुष्टि
नवजात के मिले शव को लेकर पुलिस भी अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर जांच की बात कही जा रही है, किंतु नवजात की मौत किस कारण से हुई, इसकी पुष्टि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद होने की बात कही जा रही है।

नदी में क्यों फेंका जा रहा शव
सामान्य तौर पर भी किसी के गर्भ में या जन्म लेने के बाद नवजात की मौत होने पर उसे नदी या नाले में नहीं फेंका जाता बल्कि उसे जमीन में दफना दिया जाता है, फिर शहर में संचालित नर्सिंग होमों, क्लीनिकों के आस-पास ही कन्या नवजातों का शव कैसे मिल रहा है, या तो कोई कलयुगी मां अपने पाप को छिपाने के लिए नवजात को नदी में फेंक रही हैं या फिर बेटे की चाह होने पर कन्या के जन्म लेने पर उसे नाले में फेंक कर मौत के घाट उतारा जा रहा है, यह दोनों की स्थिति समाज के लिए कलंकित करने वाली है।

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