धार : पुलिस की गुंडागर्दी, युवक को डंडों से बेरहमी से पीटा, बेहोश… इतनी सी थी वजह

धार (टांडा) से मनीष आमले की रिपोर्ट : एक ओर जहां महामारी के सदमे से जनता एवं व्यापारी उबर नहीं पा रहे है वहीं लॉक डाउन में आर्थिक तंगी से ग्रस्त लोगों पर पुलिस प्रशासन की ज्यादती से लोग त्राहि – त्राहि कर उठे हैं।

यदि कोई व्यक्ति बहुत जरूरी कार्य करना चाहता है ओर इस कारण उससे धारा 144 का उल्लघंन हो भी जाता है तो उस व्यक्ति पर 188 की ओर अन्य धाराओं की कार्यवाही करके सजा दी जा सकती है।

परंतु ऐसे व्यक्ति को डंडों से बुरी तरह पीटकर बेहोश तक कर देना कौन से नियम ओर दंड संहिता के अंतर्गत आता हैं।

नरेंद्र राठौड़ नामक व्यक्ति जिसके निर्माणाधीन नए आवास पर दो दिन पूर्व चोरी हो चुकी थी। सुरक्षा के लिए शटर लगवा रहे थे। तभी *थाना प्रभारी विजय वास्केल का वहा आकर कारण जानने के बाद भी नरेंद्र को डंडों द्वारा बेरहमी से पीटना ओर थाने पर ले जाकर भी बर्बरता पूर्वक मार – मारकर बेहोश कर देना पुलिस की कार्यपद्धति पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं।

खाकी वेश मे कोरोना योद्धा का चोला पहने कुछ पुलिस वाले सारी इंसानियत को बदनाम कर रहे हैं। आपदा के दौर में ऐसे बेलगाम व्यवहार करने वालो पर कौन लगाम कसेगा। समझ नहीं आता कौन है आम जनता की सुरक्षा के लिए।

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