धार : 2024 तक हर घर में पहुंचेगा नल जल कनेक्शन – कलेक्टर

धार से मनीष आमले की रिपोर्ट – कलेक्टर आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में ‘जल जीवन मिशन‘ अंतर्गत गठित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में 2024 तक जिले के प्रत्येक गांव के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से पेय जल उपलब्ध कराने हेतु कार्ययोजना पर विमर्श किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संतोष वर्मा, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी केपी वर्मा सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सर्वप्रथम ग्राम पंचायतवार बेसलाइन डाटा विधिवत रूप से एकत्रित किया जाय ताकि वास्तविक कार्य की जानकारी हो। जिले की भौतिक संरचना के आधार पर भूमिगत जल एवं सतही जल को योजना के क्रियान्वयन में शामिल किया जाय। जिला स्तर के साथ- साथ ग्राम स्तर पर भी कार्ययोजना बनायी जाएगी। कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य शासन की सम्बंधित योजनाओं का इस मिशन में समावेश किया जाय। आपने यह भी कहा कि जल स्त्रोतों का प्रबंधन एवं उपयोग इस प्रकार किया जाय कि जल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित हो।

इस हेतु आपने घरों में सोक पिट बनाने को भी कार्ययोजना के घटक में शामिल करने के लिए कहा है ताकि भूमिगत जल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित हो।

कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी केपी वर्मा ने बताया कि बेसलाइन जानकारी एकत्रित करने हेतु ग्राम पंचायतों को कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। योजना में क्षेत्र की परिस्थितियों के आधार पर ग्राम वार एवं ग्रामों के समूहों हेतु समेकित कार्ययोजना बनायी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सड़क, बिजली, बैंक खाते, आवास, एलपीजी सिलेंडर और शौचालय जैसी बनियादी सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से जल को देश की विकास-कार्यसूची के केन्द्र में स्थापित किया गया है। उन्होंने ग्रामीण भारत में महिलाओं और बेटियों द्वारा प्रतिदिन मीलों पैदल चलकर पीने योग्य थोड़ा-बहुत जल ढोकर लाने की शताब्दियों पुरानी समस्या को दूर करने पर बल दिया है। इस चुनौती को हल करने के लिए “जल जीवन मिशन” लाया गया है। इस योजना में वर्ष 2024 तक हर घर जल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना है।

जल जीवन मिशन सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है, जिसका लक्ष्य सभी घरों तक कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय जल संसाधनों के सर्वांगीण प्रबंधन को बढ़ावा देना भी है। इस जल आपूर्ति कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय जल-स्रोतों का संरक्षण करके उन्हें सतत बनाने और जल के पुनः उपयोग की विधियों का प्रयोग करने जैसे उपायों की जरूरत पर भी ध्यान दिया गया है और इन्हें पहली बार योजना की रूप-रेखा का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।

Exit mobile version