
- कोरोना की तरह अब डेंगू का चल रहा राज
- शहर में शुक्रवार को 8 मरीज मिले, गुरूवार को मिले थे 11
- नहीं हो रहा फॉगिंग मशीन एवं कीटनाशक पाउडर का छिडक़ाव
सागर/निशा चौकसे:- प्रदेश में पहले कोरोना ने कोहराम मचाया हुआ था और अब डेंगू के डंक से लोग दहशत में हैं. शुक्रवार को जिले में 8 नए डेंगू के मरीज बताए गए. जिलेभर में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बड़ रही है. सरकारी आंकड़े भले ही डेंगू मरीजों का आंकड़ा 155 बता रहे हों, लेकिन निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे सैकड़ों मरीज ऐसे हैं जिनका पूरा का पूरा परिवार डेंगू पॉजीटिव पाया गया है, और वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है.
भाग्योदय अस्पताल में भर्ती नरयावली क्षेत्र के एक परिजनों ने बताया कि पहले वे अपने बच्चे का इलाज करवाने लाए थे, जहां उसे डेंगू होना बताया गया. जब परिवार के अन्य लोगों की जांच कराई तो पूरा का पूरा परिवार डेंगू पॉजिटिव पाया गया है. सभी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। भाग्योदय में पूरा परिवार अलग-अलग पलंग में भर्ती होकर इलाज करा रहा है। ऐसे ही अन्य लोग भी मिले जिनके परिजन डेंगू से पीडि़त थे. शहर के अन्य निजी अस्पतालों में भी यही हालात देखे जा रहे हैं, जहां बच्चों को भर्ती करने के लिए पलंग तक नहीं हैं।
शुक्रवार को 8 मरीज मिले, गुरूवार को मिले थे 11
शुक्रवार को जिले में 8 नए डेंगू के मरीज बताए गए। जिसमें सूवेदार वार्ड से 22 वर्षीय युवक, 45 वर्षीय महिला, तिली वार्ड से 22 युवक, लक्ष्मीपुरा में युवक, परकोटा में 2 युवक, राहतगढ़ और बीना में 2 मरीज सामने आए हैं। वहीं एक दिन पहले गुरूवार को एक दिन में 11 संक्रमित मरीज सामने आए थे। गुरुगोविंद सिंह वार्ड में 12 वर्षीय बालक, तिली वार्ड 8 वर्षीय बालक, कटरा वार्ड 16 वर्षीय किशोर, कटरा वार्ड 11 वर्षीय बालिका, मोतीनगर वार्ड 21 वर्षीय युवती, वल्लभ नगर वार्ड में 24 वर्षीय युवती, रहली गढ़ाकोटा 24 वर्षीय लडक़ी डेंगू पॉजिटिव मिले थे। कृष्णगंज वार्ड में एक साथ चार बच्चों को डेंगू हुआ। कृष्णगंज वार्ड 14 वर्षीय बालक, कृष्णगंज वार्ड 2 वर्षीय बच्चा एवं 9 वर्षीय बालिका और एक्सीलेंस स्कूल का एक बच्चा भी डेंगू पॉजिटिव हो चुका है।
प्रशासन की दिख रही लापरवाही
निगम प्रशासन द्वारा शहर में फॉगिंग मशीन एवं कीटनाशक पाउडर का छिडक़ाव पर्याप्त जगहों पर नहीं किया जा रहा है, शहर के शेष इलाकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे डेंगू के मच्छर एवं लार्वा बारिश के कारण एक वार्ड से निकलकर दूसरे वार्डों में पहुंच रहा है। प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम प्रशासन के कदम पर्याप्त नहीं दिख रहे हैं।
इनका कहना है
डॉ. सुरेश बौद्ध के मुताबिक सर्दी खांसी, जकडऩ, सिरदर्द और डेंगू जैसे लक्षण होने पर तत्काल जांच कराएं यदि डेंगू पॉजीटिव निकलता है तो मरीज को तत्काल हॉस्पिटीलाइज करना जरूरी होता है. वहीं डेंगू न हो इसके लिए घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें और बचाव के सभी उपाय अपनाएं। डेंगू से बचाव के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को आती है, हमा निगरानी बनाए हुए हैं.