दिल्ली, किसान आंदोलन: शाह की शर्त से असंतुष्ट किसान

दिल्ली, किसान आंदोलन: शाह की शर्त से असंतुष्ट किसान

दिल्ली/ राजकमल पांडे। नए कृषि कानून का विरोध कर रह किसानों से अब केन्द्र सरकार चौरतफा घिर गई है। क्रेन्दीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में भी किसानों के प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित न होने के समर्थन में रहे, तो वहीं दूसरी कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर किसानों के प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित होने का ही हवाला दिया। किसानों ने केेन्द्र के प्रस्ताव को यह कहके ठुकरा दिया कि बुराडी ओपन जेल है और हम घिरने के लिए वहां नही जाएंगे। बल्कि वहां प्रदर्शन करने वाले हमारे मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी बुलाएंगे और पांच पाॅईट्स में दिल्ली की घेराबंदी करेंगे।

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार ने हमसे जो शर्त रखी है उसके अनुसार हम लोगों ने हाईवे खाली कर बुराड़ी आएं। पर हम अब बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे, वह एक तरह को ओपन जेल हम बुुराड़ी जाने के बजाय सोनीपत, रोहतक के बहत्तरगढ़, जयपुर से दिल्ली हाईवे, मथुरा, आगरा-दिल्ली हाईवे, गाजियाबाद से आने वाले हाईवे को जाम करेंगे हम यह प्रदर्शन कर अपनी मांग सरकार के समक्ष रखने आएं हैं घिरने नहीं, घेरने आएं हैं।

चीनौर, डबरा, भितरवार सहित ग्वालियर संभाग के किसान 2 दिसंबर को ट्रैक्टर-ट्राली से 6 माह का राशन-पानी एकत्र कर आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होंगे। यह है किसानों की मांग। नए कृषि बिल को वापस लेने के लिए किसानों केन्द्र सरकार हो घेर लिया है। और किसानों की मांग है कि नए बिल में संशोधन कर एमएसपी पर खरीदी का कानून बनाकर इसे नए बिल में जोड़ा जाए। तथा किसानों की फसल एमएसपी से नीचे न खरीदा जाए, और अगर कोई खरीदता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई कर जेल डालने का प्रावधान भी हो।

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