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शासन के निर्देशों को बता रहे धता, स्कूल नहीं पहुंच रहे शिक्षक, पालको में नाराजगी, बच्चों की पढ़ाई हो रही चौपट

बैतूल से अनिल कजोड़े की रिपोर्ट : जिले में स्कूली बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो रही है, जिसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि शिक्षक शिक्षिका व अध्यापक शासन के निर्देशों को धता बता रहे हैं, अपनी लापरवाही के लिए शिक्षा विभाग जिले में वैसे ही काफी बदनाम है, ऊपर से अब कोरोना वायरस बच्चों की पढ़ाई नियमित हो सके और उन्हें शैक्षणिक कार्य में किसी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। 

इसके लिए विभाग द्वारा शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके तहत उन्हें बच्चों की पढ़ाई सुचारू रखनी है, इसके अलावा उन्हें शाला में भी तय समय पर उपस्थित रहना है। 

शासन के निर्देशों में साफ है कि शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्य करने वाले विभाग के कर्मचारी व शिक्षक पूरे समय संस्था में मौजूद रहे लेकिन शिक्षकों द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेषकर जिले के आदिवासी विकास खंड में हालत यह हो गई है कि महीनों से शाला में कोई शिक्षक नहीं पहुंचा है, और यहां पर ताले लगे हुए हैं। पालकों से बातचीत में पता चलता है कि विगत कई माह से शिक्षक शाला में नहीं पहुंचे हैं। जब उन्हें बताया गया कि शाला में पहुंचकर बच्चों को ऑनलाइन तरीके से शैक्षणिक कार्य करवाना है तो इन निर्देशों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं होने की बात सामने आई ।

चिचोली-भीमपुर में हालात हुए चिंताजनक 

प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में विशेष रुप से पूरे जिले भर में चिचोली व भीमपुर विकासखंड में शिक्षक काफी लापरवाह रहे हैं, कोरोना काल के पहले भी उपरोक्त विकासखंड में शिक्षक समय पर शाला नही पहुँचते थे लेकिन अब कोरोना कॉल ऐसे शिक्षको के लिए वरदान साबित हो रहा है। कर्तव्य के प्रति लापरवाह शिक्षक शासन के निर्देशों को ठेंगे पर रखकर पुरानी कार्य शैली में ही शासन से पूरी तनख्वा ले रहे है। जिन अधिकारियों पर इनके कार्यो की मॉनिटरिंग का जिम्मा हैं वे भी लंबी चादर तानकर सोये हुए हैं। यही कुछ प्रमुख कारण हैं कि बच्चों की शिक्षा में सुधार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। 

इन शालाओ में शिक्षकों की लापरवाही 

वैसे तो पुरे जिले में शिक्षकों का समय पर शाला नहीं पहुंचने का पुराना सिलसिला है लेकिन फिलहाल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए शासन द्वारा विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं लेकिन देखने में यह आ रहा है कि चिचोली विकासखंड से लगे काजली, दरियावगंज, जामनगरी, चिटपुरा, टाडर, बन्नूढाना, आमापुरा, कुरसना, आमापुरा, जोगली, हर्रवाड़ी, सिताडोंगरी,चुरनी जैसे गावो के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय की यही स्थिति है जहाँ न तो शिक्षण कार्य हो रहा है और न तो शिक्षक समय पर उपस्थित हो रहे है।

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