
तारीख से पहले टिकट के लिए घमासान
,बीजेपी चुनाव प्रभारी के सामने हुआ शक्ति प्रदर्शन, मलैया गुट हुआ सक्रिय
दमोह से शंकर दुबे की रिपोर्ट : – दमोह में विधानसभा उप चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ भी नहीं है कि टिकट के लिए शक्ति प्रदर्शन शुरू हो गया है. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नए नवेले राहुल सिंह जहां अपनी टिकट के प्रति आश्वस्त हैं, तो वही जयंत मलैया भी जोरदार तरीके से अपनी दावेदारी जता रहे हैं।
भाजपा में अनुशासन को सर्वोपरि माना जाता है लेकिन दमोह में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के पूर्व ही माहौल कुछ अलग बनता जा रहा है। 2 दिन पूर्व चुनावी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे कैबिनेट मंत्री और चुनाव प्रभारी भूपेंद्र सिंह के सामने ही जमकर नारेबाजी हुई तो अनुशासन की धज्जियां उड़ गईं। दूसरी ओर यह संदेश भी आमजन के बीच चला गया कि प्रदेश में अपनी धाक रखने वाले पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया भी चुप बैठने वालों में से नहीं हैं। कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त राहुल सिंह शुरू से ही अपनी टिकट के प्रति आश्वस्त हैं। वह कई मौकों पर स्पष्ट रूप से कह भी चुके हैं कि टिकट उन्हें मिलेगी और वही भाजपा से चुनाव भी लड़ेंगे। इससे इतर जयंत मलैया भी टिकट के लिए जोरदार तरीके से प्रयासरत हैं। पूर्व में कई दफा जयंत मलैया टिकट को लेकर पूछे गए सवाल पर भी उखड़ चुके हैं। जयंत मलैया यह बात भली-भांति जानते हैं कि इस बार चुनाव जीतना तो आसान है लेकिन उससे कहीं अधिक दुष्कर काम टिकट लेना है। यही वजह है कि वह टिकट के सवाल पर उद्विग्न हो जाते हैं।गौरतलब है कि जिस दिन से राहुल सिंह का दमोह आगमन हुआ है उनके पैर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं वह क्रमबद्ध तरीके से एक-एक करके उन कार्यकर्ताओं और लोगों से मिल रहे हैं जो जयंत मलैया के खासम खास या घुर विरोधी माने जाते हैं। राहुल को भी इस बात का कहीं न कहीं एहसास है कि अभी तक भाजपाई उन्हें स्वीकार नहीं कर पाए हैं। इसीलिए उन्होंने भूपेंद्र सिंह के आगमन पर अपने भाषण में भी यही कहा वह हृदय से भाजपा को स्वीकार कर चुके हैं और अब आप लोग भी मुझे स्वीकार कर अपने दिलों में जगह दें।
क्या हैं शक्ति प्रदर्शन के मायने : –
भूपेंद्र सिंह के आगमन पर स्वागत समारोह के दौरान भाजपा कार्यालय में सैंकड़ों की संख्या में युवाओं ने दमोह का नेता कैसा हो सिद्धार्थ मलैया जैसा हो, दमोह का नेता कैसा हो जयंत मलैया जैसा हो के नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद की। इन नारों का मकसद यही था कि जयंत मलैया या उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया को ही टिकट दी जाए। उन्हें किसी तरह कमतर न आंका जाए। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने तो स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह चुनाव प्रभारी से जयंत मलैया को टिकट देने की मांग करने आए थे। हालांकि सिद्धार्थ मलैया ने इस बात को खारिज किया कि वह टिकट की मांग करने आए थे। उन्होंने कहा कि केवल यह चुनावी तैयारी को लेकर बैठक थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि यदि राहुल सिंह को टिकट मिलती है तो मेरी शुभकामनाएं हैं। जवाब देने के दौरान उनके चेहरे पर जो मुस्कुराहट थी, उससे इतना तो स्पष्ट हो गया कि कोई इस मुगालते में न रहे कि उसे टिकट मिल ही गई है। टिकट की राह में रोड़े बहुत हैं, और वह टिकट को इतनी आसानी से छोड़ने वाले नहीं है।
कॉलेज के बहाने जगह बनाने की कोशिश : –
अपने भाषण में राहुल सिंह ने मेडिकल कॉलेज को लेकर भी तुरूप का इक्का खेला। उन्होंने कहा कि शीघ्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दमोह में मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन करेंगे। इस भाषण के पीछे यही माना जा रहा है कि उन्होंने आम जनता के दिल में भी एक उम्मीद पैदा करने की कोशिश की है। आशय यही था कि कांग्रेस नहीं छोड़ी, बल्कि मेडिकल कॉलेज के लिए उन्होंने अपने पद का बलिदान दिया है।