दमोह : पथरिया विधायक रामबाई के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले भाजपा मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध अब बसपा ने खोला मोर्चा

पथरिया विधायक रामबाई के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले भाजपा मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध अब बसपा ने मोर्चा खोल दिया है। ग्राम सगरोन के मंदिर मामले में बसपा और ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर ट्रस्ट बनाने की मांग की है। 
 दमोह से शंकर दुबे की रिपोर्ट : – 
 तुम डाल डाल हम पात पात की तर्ज पर बसपा विधायक रामबाई परिहार और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। अब विधायक रामबाई के समर्थन में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भी मैदान में उतर आए हैं। गौरतलब है कि ग्राम सगरोन में प्रभु श्री राम एवं मारुति नंदन हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर के रखरखाव एवं संचालन के लिए उसमें 160 एकड़ कृषि भूमि लगी है। जो कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है । पूरी कृषि भूमि सिंचित भी है। गत दिनों जब विधायक रामबाई सगरोन पहुंची थी तो उन्होंने एक परिवार विशेष के कब्जे से जमीन मुक्त कराने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए थे। जिसके बाद भाजपा की जिला इकाई द्वारा एसपी को एक ज्ञापन सौंपा गया था। जिसमें रामबाई पर फतेहपुर मंडल के अध्यक्ष राजवीर सिंह को जान से मारने की धमकी देने एवं गाली-गलौच करने के आरोप लगाते हुए एफ आई आर की मांग की गई थी। भाजपा के इस ज्ञापन के बाद बसपा कार्यकर्ता भी कहां शांत बैठने वाली थे। उसके जवाब में बड़ी संख्या में दूसरे ही दिन बसपा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने रामबाई परिहार का समर्थन करते हुए एक ज्ञापन कलेक्टर को देकर ट्रस्ट बनाने की मांग की।
 प्रशासन ट्रस्ट बनाए : –
ग्रामीणों एवं बसपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि श्री राम मंदिर की 160 एकड़ भूमि पर एक परिवार विशेष का कब्जा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष की मृत्यु के बाद उक्त जमीन पर गांव के एक व्यक्ति द्वारा राजनीतिक प्रभाव के कारण कब्जा कर लिया गया है। जिससे मंदिर का रखरखाव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि सरकार की मंशा अनुरूप वहां से अवैध कब्जा हटाया जाए तथा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 160 एकड़ जमीन के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया जाए। जिससे कि उस से होने वाली आय से मंदिर का रखरखाव एवं धार्मिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहे। ग्रामीणों का कहना है कि एक और प्रदेश सरकार भू माफियाओं को गाड़ने की बात कर रही है तो दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के लोग भू माफियाओं के समर्थन में खड़े हैं। सरकार अब अपनी मंशा जाहिर करें कि वह माफियाओं के साथ खड़ी है या रामलला के साथ।

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