
मध्यप्रदेश/दमोह : कोरोना से प्रभावित कमजोर मरीजो को black fungus अपनी चपेट में लेकर सबसे पहले नाक को संक्रमित करता हैं। इसके साथ साथ यह मुंह, फेफड़े, ब्रेन और गले को भी तेजी से अपना शिकार बनाता हैं। समय रहते मरीज को इलाज नही मिला तो मरीज की जान भी बचा पाना बहुत मुश्किल होता है, यह अगर आंखों पर असर करता है तो मरीज को तत्काल सही इलाज कि जरूरत होती हैं। सही समय पर इलाज नही मिलता तो मरीज की आंखों की रोशनी को बहुत ही तेजी खत्म कर देता है, और जिसकी वजह से मरीज की आंख भी निकालनी पड़ती।
ऐसे ही एक गंभीर मामला दमोह ज़िले से सामने आया है, जहां ब्लैक फंगस के संक्रमण के जिले में 4 मरीज सामने आए हैं, जिसमें डॉक्टरों ने 2 मरीजों की जान बचाने के लिए इलाज के दौरान उनकी एक-एक आंख भी निकालनी पड़ी हैं।
बता दे कि कोरोना के बढ़ते कहर के बीच ब्लैक फंगस नई मुसीबत बनता जा रहा हैं। ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर हैं। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं।
इतना ही नहीं प्रदेश सरकार अमेरिकी डॉक्टर्स से भी इस विषय पर चर्चा कर रहें हैं। हालही में भोपाल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और डॉक्टर्स, अधिकारियों की आपात बैठक हुई थी। इसमें अमेरिकी डॉक्टर मनोज जैन से बीमारी से निपटने के उपाय करने पर डेढ़ घंटे चर्चा हुई थी। डॉ मनोज जैन ने इस से निपटने के लिए कई सुझाव इस बैठक में दिए थे। जिसपर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि सुझावों पर अब मध्यप्रदेश में अमल किया जाएगा।