दमोह विधानसभा उपचुनाव : बागी होंगे सिद्धार्थ मलैया? कहा पिता के आदेश के बाद लिया यह फ़ैसला…..

मध्यप्रदेश/दमोह – दमोह विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने राहुल लोधी के नाम पर मुहर लगा दी हैं। जिसके बाद मलैया फैमिली का दमोह में सरेंडर हो गया। पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ ने दमोह में मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि वह विधानसभा का उपचुनाव नहीं लड़ेंगे और बीजेपी प्रत्याशी राहुल लोधी के समर्थन में प्रचार करेंगे। सिद्धार्थ मलैया ने साफ किया कि उन्होंने यह फैसला उनके पिता के आदेश के बाद लिया हैं। हालांकि इससे पहले लगातार यह अटकलें चल रही थी कि अगर उपचुनाव में मलैया फैमिली के सदस्य को टिकट नहीं मिलता है तो फिर वह बागी होकर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। प्रदेश संगठन की समझाइश के बाद ऐसी संभावना खारिज हो गई।
बता दे कि दमोह विधानसभा सीट पर होने जा रहे उप चुनाव में मलैया परिवार की नाराज़गी और असंतोष के चर्चे ज़ोरों पर थे। मसला टिकट कटने का था।चर्चा ये भी थी कि मलैया के बेटे सिद्धार्थ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। लेकिन सिद्धार्थ मलैया ने ये ऐलान करके सभी अटकलों पर विराम लगा दिया कि वो दमोह विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा पिताजी का आदेश है कि चुनाव नही लड़ना है, इसका सम्मान रखते हुए मैंने ये निर्णय में लिया हैं।
सिद्धार्थ मलैया का कहना है चुनाव लड़ने के लिए हमने पूरी तरह से तैयारी की थी। टिकट के लिए पार्टी शीर्ष नेतृत्व से पुनः विचार के लिए बात भी रखी थी. लेकिन पिताजी का आदेश है कि पार्टी के प्रति हमारी निष्ठा हैं। इसलिए हम भारतीय जनता पार्टी का काम निष्ठा से करेंगे। मालूम हो कि पार्टी के कद्दावर नेता जयंत मलैया लगातार इस सीट से जीतकर 6 बार विधानसभा पहुंच। लेकिन 2018 के चुनाव में कांग्रेस के राहुल लोधी से महज़ चंद वोटों से हार गए। इसकी वजह रहे राम कृष्ण कुसमरिया जो बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतर गए थे। उन्होंने बीजेपी के वोट कटवा दिये और इसका फायदा कांग्रेस उठा ले गई।

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