6 साल से पुलिस के लिए चुनौती बने शातिर अपराधी आखिर पकड़े गए

6 साल से पुलिस के लिए चुनौती बने शातिर अपराधी आखिर पकड़े गए

सीधी/ गौरव सिंह:- एक दो नहीं विगत 6 वर्ष से फरार चल रहे अपराधियों को आखिरकार पुलिस ने पकड़ ही लिया। हालांकि इसके लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां तक कि परिवार के लोगों से नोकझोंक तक हुई। लेकिन इस दफा पुलिस को कामयाबी मिल ही गई।बता दें कि कमर्जी थाने में भोला बसोर पिता मोतीलाल बसोर के खिलाफ केस दर्ज है। पुलिस की तमाम कवायद के बाद भी उसे पकड़ना पुलिस के लिए आसान नहीं हो रहा था। यहां यह भी बता दें कि न्यायालय में पेश न होने के कारण कोर्ट की ओर से उसे स्थाई वारंटी घोषित किया गया था। पुलिस लगातार प्रयास करती रही, पर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इस दौरान 6 साल बीत गए।
पिछले दिनों 7 अगस्त को थाना प्रभारी कमर्जी, उपनिरीक्षक पवन सिंह के नेतृत्व में दो टीमें बनाकर, आरोपी की घेराबंदी की गई। हालांकि एक साथ दो-दो टीमों ने दबिश दी तो आरोपी के घर की महिलाएं एवं बच्चे पुलिस से उलझ गए। साथ ही आरोपी को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। उधर आरोपी जिस कमरे में बंद था उसकी छत खपरैल की थी, ऐसे में वह कमरे का छप्पर काटकर भागने के फिराक में जुट गया। लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी वह नाकाम रहा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह दूसरा आरोपी भी अदालत में हाजिर नहीं हो रहा था। बताया जा रहा है कि लकोड़ा थाना क्षेत्र के आरोपी जालिम उर्फ नीरज सिंह पिता शंखराज सिंह (28 वर्ष) गंभीर अपराध करके फरार हो गया था। पुलिस ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर दिया।
उपरोक्त दोनों कार्रवाई में उपनिरीक्षक पवन सिंह, प्रियंका कुशवाहा, प्रधानआरक्षक जगदंबा पांडे, आरक्षक रणबहादुर, उमेश, अवधेश व अंजनी द्विवेदी एवं महिला आरक्षक ममता पाठक का सराहनीय योगदान रहा हैं। 

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