
मध्यप्रदेश /जबलपुर(Jabalpur) – :कोरोना (Corona) काल में आर्थिक सहायता के लिए रुपए बांटने की अफ़वाह उड़ जाना से देखते ही देखते एक विधायक के कार्यालय के बाहर बहुत सारि भीड़ जमा हो गई ,इसे मामूली घटना नहीं कहा जा सकता। ये घटना जबलपुर में हुई है।अब कहा जा रहा है कि इसकी आवाज दूर तक नहीं गई। लेकिन, भीड़ का इस तरह मुफ्त के पैसे के लिए भागना खतरनाक संकेत माना जा रहा है।
जबलपुर शहर से विधायक लखन घनघोरिया(Lakhan ghanghoriya) के कार्यालय के बाहर सैकड़ों की तादाद में महिलाएं एकत्र हो गईं। ये लोग हाथों में बैंक पास बुक, आधार कार्ड और समग्र आईडी जैसे दस्तावेज़ों की फोटो कॉपी लेकर पहुंची थी।ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग(Social distancing)का खयाल भी नहीं रखा था। इस मामले की जानकारी लगते ही रांझी(Ranjhi) तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।और भीड़ को वहां से हटाया। महिलाओं को अपने घर जाने के लिए कहा गया।अब पुलिस ने अफ़वाह फैलाने बाले के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया का ब्यौहारबाग में कार्यालय है। जिस टाइम भीड़ एकत्र हुई थी , उस टाइम विधायक घनघोरिया अपने कार्यालय में नहीं थे। कहा जा रहा है कि पूर्व क्षेत्र के गरीब बहुल इलाकों में बीते कुछ दिनों से यह अफवाह उड़ रही है कि गरीबों के खाते में पैसे भेजे जाएंगे। इसी अफवाह के कारण सैकड़ों की तादाद में महिलाएं और 50 से भी अधिक पुरुष लखन घनघोरिया के कार्यालय पहुंच गए। इस पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी वहां पहुंचे और उन्हें समझाया ।अब इस संबंध विधायक लखन घनघोरिया का कहना है कि क्षेत्र में अफवाह उड़ाई जा रही है कि बैंक खातों में राशि भेजी आएगी। अपना अकाउंट नम्बर और आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा कराए। गरीब व्यक्ति लॉकडाउन(Lock down ) में बहुत तंग हुआ है। उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि ग़रीबों का मज़ाक उड़ाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूर्व मंत्री और विधायक लखन घनघोरिया के कार्यालय से रुपए बांटने की अफवाह फैलाने वालों पर बेलबाग पुलिस ने धारा 188, 269 एवं 270 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी समरजीत सिंह परिहार(Samarjieet singh parihar) ने कहा है कि अफवाह के कारण वहां पर 250 से ज्यादा महिलाएं एकत्रित हो गई थीं।और 50 से अधिक पुरुष भी पहुंचे थे। इसकी वजह से सोशल डिस्टेसिंग का उल्लंघन हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी। रांझी तहसीलदार ने राजेश कुमार(Rajaesh kumar) ने बताया कि विधायक के शासकीय कार्यालय के बाहर महिलाएं एकत्रित हुईं थीं। उन्हें जानकारी लगी कि आर्थिक सहायता मिल रही है। भीड़ एकत्र होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ है। लोगों को समझकर घर भेजा गया है ।