जिले की सीमाओं पर नहीं हो रही जांच प्रशासनिक विफलता से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण

मध्यप्रदेश/जबलपुर(Jabalpur) – : इसे प्रशासनिक विफलता नहीं तो और क्या कहा सकते है, क्वारंटीन सेंटर्स में सही इंतजाम नहीं, जिले की सीमाओं पर बाहर से आने वालों की जांच के पुख्ता इंतजाम तक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कोरोना(Corona) संक्रमण को फैलने से  कौन रोक सकता है।

कहा जा रहा कि लॉकडाउन-4(Lockdown-4 )चालू होने के बाद से शहर में दूसरे प्रांतों और जिलों से आने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन इनकी ओर प्रशासन की सतर्क निगाहें नहीं हैं। बाहर से आने वालों की जांच तक कायदे से नहीं हो रही है। प्रशासन की ओर से बनाए गए क्वारंटीन सेंटर्स में सुविधा का पूर्णतया अभाव नजर आ रहा है। ऐसे में यदि एक हफ्ते की स्थिति पर गौर करें तो बाहर से आने वालों की जांच किए बगैर ही शहरी सीमा में प्रवेश मिल जा रहा है।

लापरवाही की स्थिति यह है कि जागरूक लोगों ने शहर लौटने के बाद प्रशासन ने जारी यूआरएल(URL) में जरूरी जानकारी भी दर्ज की। लेकिन कोरोना कंट्रोल रूम से उनके पास कोई फोन कॉल तक नहीं आया। गिने चुने लोग हैं जिनके आने के 7-8 दिन बाद कॉल सेंटर से फोन कर उनके बारे में पूछ-ताछ कर अपने कार्य की मान ली गई। ऐसे में ये लोग भी आराम से धूमते रहे। कई दिन बीत जाने के बाद फिर एक फोन आया और उन्हें होम क्वारंटीन रहने को कहा गया।

क्वारंटीन सेंटर्स का हाल ये है कि वहां एक  पंखा तक नहीं है। लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

जिले की स्थिति ये थी

–  :लॉकडाउन शुरू होने के पहले मिले कोरोना संक्रमित-4

– :लॉकडाउन 1-2 के 40 दिन में संक्रमित मरीज 8

– :लॉकडाउन-3 के 14 दिन में संक्रमित मरीज 3

– :लॉकडाउन-4 के 6 दिन में मिले 12 संक्रमित

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