
- कांग्रेस और भाजपा की सियासत जंग जारी
- बिजली संकट को लेकर विपक्ष का हमला
- MP के 12 जिलों में हो रही बिजली कटौती
- अब बिजली कंपनियों के कर्मचारियों को लेकर सियासत
भोपाल/अंजली कुशवाह: मध्य प्रदेश में बिजली संकट को लेकर कांग्रेस और भाजपा की सियासत और भी गरम होती नज़र आ रही हैं. बिजली कंपनियों के कर्मचारियों को लेकर अब सियासत खड़ी हो गई है. विपक्ष के पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रदुम सिंह तोमर पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि बिजली कंपनियां कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रदुम सिंह तोमर की सेवा में बिजली कंपनी के 96 कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा ऊर्जा मंत्री की सेवा में बिजली कंपनी की 11 गाड़ियां अटैच होने का भी आरोप लगाया है.
मंत्री प्रदुम सिंह ने दिया जवाब
मामले में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री प्रदुम सिंह तोमर ने जवाबी हमला बोला है. तोमर ने कहा है कि मेरे कार्यकाल में बिजली की सेवा को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है और इसके लिए स्टाफ की जरूरत है कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में अब ट्रिपिंग कम हो गई है. बिजली कंपनियों के कामकाज पर निगरानी के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है. जनता के लिए काम करेंगे तो स्टाफ की जरूरत पड़ेगी. व्यक्तिगत सेवा में कोई स्टाफ नहीं लगाया गया है. जनता की सेवा के लिए बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए यदि जरूरत होगी तो स्टाफ को बढ़ाया जाएगा. संसाधनों को बढ़ाया जाएगा. पूर्व मंत्री प्रियव्रत के ऊर्जा मंत्री के यहां 11 गाड़ी अटैच करने के आरोप पर कहा है इसकी जानकारी मुझे नहीं है. कितनी गाड़ियां कहां लगी है इसकी जानकारी लूंगा.
सड़कों के बाद अब बिजली पर सियासत गरम
बता दें की इससे पहले कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार पर मध्यप्रदेश के कई जिलों में हो रही बिजली की परेशानी को लेकर कई सवाल खड़े कर रखे हैं. फ़िलहाल मध्यप्रदेश के 12 जिलों में बिजली कटौती हो रही हैं। राजधानी भोपाल में बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस का कार्य खत्म हो गया हैं लेकिन बिजली की कटौती अभी भी की जा रही हैं. MP के रीवा-छिंदवाड़ा और गुना के गांवों में बिजली 12 से 15 घंटे तक गुल रहती है.