उपचुनाव से पहले कांग्रेस की हालत खस्ता, बचे 89 MLAs, भाजपा के दिग्गजों ने किया बड़ा दावा

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की सियासत में इस समय बवाल मचा हुआ हैं। उपचुनाव से पहले नेताओं का दल बदल का खेल भी अपने चरम पर आ गया हैं। कोई कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो रहा है तो कोई भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम रहा हैं। लेकिन उपचुनाव से पहले कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा हुआ हैं।
उपचुनाव से पहले कांग्रेस भले ही ज़ोरो शोरो में इसकी तैयारी कर रही हो, लेकिन उसके विधायक आए दिन दल बदल रहे है जो कांग्रेस के मुसीबत का सबब बना हुआ हैं। मालूम हो कि मार्च महीने में एक साथ कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इसके बाद से अब तक विधायकों के टूटने का सिलसिला जारी हैं।
बता दे कि 15 दिनों के अंदर कांग्रेस को तीन बड़े झटके लगे हैं। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मलहरा के कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी ने इस्तीफा दिया और फिर सुमित्रा कास्डेकर ने त्याग पत्र देकर कांग्रेस को एक और झटका दिया। अब मांधाता से विधायक नारायण पटेल के इस्तीफे से कांग्रेस में हड़कंप मच गया हैं।
मध्य प्रदेश में अब कांग्रेस विधायकों की संख्या अब 89 रह गई हैं। जबकि 27 विधानसभा सीटें रिक्त हो गई हैं। 25 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे और मुरैना जिले की जौरा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा और आगर-मालवा से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद ये दो सीटें भी खाली हैं। ऐसे में अब 27 सीटे खाली हो गई हैं।
हालांकि, अभी ये भी कहना संभव नहीं है की 27 सीटों पर ही चुनाव होंगे, क्योंकि भाजपा के कई दिग्गज ये दावा करते आए है की कांग्रेस के कई ओर विधायक भाजपा में शामिल होंगे। ऐसे में अब देखना दिलचस्प हो गया है की चुनाव आते आते कितनी सीटें खाली होंगी।




