
मध्यप्रदेश – मध्यप्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर जल्द उपचुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस इन सीटों पर जीत हासिल कर सत्ता में आने में आने की कोशिश करेंगी। हालांकि कांग्रेस की नज़र 10 अहम सीटों पर हैं। ये सीटें बागी छह पूर्व मंत्री सहित अन्य चार नेताओं की हैं।
इन छह पूर्व मंत्रियों में- तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह, प्रभुराम चौधरी और महेंद्र सिंह सिसौदिया। जबकि बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह और हरदीप सिंह डंग जैसे नेताओं पर कांग्रेस की नज़र हैं।
दरसअल, ये सब वहीं नेता और मंत्री है जिन्होंने कांग्रेस से बगावत की, और बीजेपी का दामन थामा। अब कांग्रेस इन दस सीटों पर सीनियर बागियों को हराकर सत्ता खोने का हिसाब बराबर करना चाहती हैं।
कांग्रेस उपचुनाव में 24 सीटों को लेकर दोहरी रणनीति के साथ उतरेगी। पहले सभी सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की उम्मीद से काम होगा। दूसरी रणनीति के तहत 22 बागियों को हराकर साख वापस पाने के प्रयास होंगे। इसमें केवल दस सीटों पर फोकस करके कांग्रेस हिसाब बराबर कर लेगी
यदि अगर कांग्रेस इन सभी को हराने में सफल रहती हैं तो यह कांग्रेस की बड़ी जीत होगी। क्योंकि, इससे इनकी विधायकी के साथ मंत्री पद का नुकसान भी होगा।
इन दिग्गजों के हाथों मे ज़िम्मेदारी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और अन्य दिग्गज नेताओं की टीम इन दस सीटों पर ही फोकस करेगी। इनमें दीपक बावरिया, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह, रामनिवास रावत, गोविंद सिंह और जीतू पटवारी शामिल रहेंगे।
पूर्व मंत्री ने कही ये बात
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि जिन्होंने बगावत करके पार्टी और जनता से गद्दारी की है, चुनाव के समय हम उनकी विधानसभा सीटों पर जाएंगे। जनता को सच बताएंगे।