कांग्रेस और कालाबाजारी एक सिक्के के दो पहलू :- गोपाल भार्गव 

सागर/रहली :- कांग्रेस और कालाबाजारी एक सिक्के के दो पहलू है। कांग्रेस जब भी सत्ता में रही उसके कुप्रबंधन के कारण किसानों को परेशान होना पड़ा और कालाबाजारियों की मौज रही। कांग्रेस के राज में किसानों को खेती के लिए खाद, बीज, बिजली और पानी भी मुश्किल से मिलता है। 16 वर्ष पूर्व बंटाढार सरकार में जिस तरह किसान परेशान था। आज वही स्थिति प्रदेश में किसानों की हो चुकी है। किसान के साथ उसके परिवार की महिलाएं और बच्चे तक यूरिया के लिए लाईन में खड़े हैं। यह बात नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सागर रहली में आयोजित खेत धरना को संबोधित करते हुए कही।
कमलनाथ सरकार की किसान विरोधी नीतियों और युरिया वितरण के कुप्रबंधन के खिलाफ शनिवार को प्रदेश भर में भाजपा ने खेत धरना आयोजित किया। तो वहीँ इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रहली विधानसभा के खमरिया की सेवा सहकारी समिति के समक्ष किसानों के साथ धरना दिया।

युरिया के लिए प्रदेश में दर दर भटक रहा किसान :- 
भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सरकार की यूरिया वितरण के कुप्रबंधन के कारण किसान युरिया के लिए दर दर भटक रहा है। मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐसा कभी नही हुआ कि किसान को युरिया के लिए पुलिस थानों के आगे लाइन में लगना पड़े। आज संगीनों के सायें में यूरिया बंट रहा है। रोजाना युरिया को लेकर लड़ाई झगड़े हो रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार पर असहयोग का झूठा आरोप लगा रही है। जबकि प्रदेश सरकार के मंत्री और यूरिया प्रबंधन की व्यवस्थाओं को देख रहे अधिकारी स्वयं दिल्ली जाकर प्रदेश में यूरिया के पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा जितनी भी यूरिया की मांग की गई उससे बढ़कर केंद्र सरकार ने प्रदेश को यूरिया दिया है।

विधानसभा सत्र में उठायेंगे किसानों की आवाज :-
खरीफ सीजन के लिए मध्यप्रदेश को मोदी सरकार ने आवश्यकता से लगभग 0.80 एमएलटी अधिक यूरिया ज्यादा दिया, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो, लेकिन प्रदेश सरकार यूरिया की कालाबाजारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को हमेशा किसानों की चिंता रही है। प्रदेश में आज किसान परेशान है और इसलिए केन्द्र सरकार ने हर संभव मदद दी है। 15 यूरिया रेक केन्द्र सरकार द्वारा भेजा गया है जो 2-3 दिन में किसानों तक पहुँच जायेगा। उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी करने वाली कांग्रेस सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। भारतीय जनता पार्टी सड़क से लेकर सदन तक किसानों की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू होेने वाला है। विधानसभा में हम सरकार से किसानों के साथ हो रही नाइंसाफी का जवाब मागेंगे।

Exit mobile version