
पंजाब की कांग्रेस सरकार में नेताओं के बीच अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर चल रही खींचतान के बीच सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं की आपत्तियों को दरकिनार कर प्रदेश कांग्रेस समिति सिद्धू को (पीपीसीसी) का अध्यक्ष बना दिया है साथ ही चार कार्यकारणी भी बनाये गए है. नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागु होगी।हलाकि इससे पहले सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने में विरोध बढ़ गया था.वहीँ राज्य के सांसदों ने रविवार को राज्यसभा सांसद बाजवा के घर पर बैठक की थी जिसमे नौ सांसद शामिल हुए थे और इन्होंने सिद्धू के खिलाफ सोनिया गाँधी से पार्टी से मिलने का फैसला किया था। साथ ही पंजाब के 10 कांग्रेस विघायक ने भी पार्टी को चिट्ठी लिख कर प्रदेश मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का समर्थन किया। इन चिट्ठियों का कुछ असर होता की इससे पहले की सोनिया ने सिद्धु को पंजाब की कमान सौपने का फैसला कर सबकी उम्मीदों में पानी फेर दिया।
हलाकि सिद्धू की नियुक्ति के दौरान अमरिंदर सिंह की शर्त के मुताबिक सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगनी होगी। हरीश रावत से मुलाकात के समय कैप्टेन ने शर्त रखी थी की वे सिद्धू से तभी मुलाकात करेंगे जब वे सरकार और संगठन पर ऊँगली उठाने वाले बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगेंगे।