
मध्यप्रदेश/उज्जैन – मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल बाबा से जुड़ी एक “मिथ” का पता चला हैं। दरअसल, देश दुनिया में हर जगह का अपना एक ‘मिथ’ होता है, जिसको लेकर कई पीढ़ियों तक में खौफ बना रहता हैं। इसी एक मिथ का खुलासा अब उज्जैन में हुआ हैं। इस मिथ के अनुसार यहां राजा परिवार के सदस्य, सहित बड़े मंत्री और सीएम उज्जैन में रात नहीं गुजारते हैं। ये मिथ आज़ाद भारत के बाद अब तक बना हुआ हैं। कहा जाता है कि जिसने भी इनका उल्लंघन किया उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ता हैं।
मालूम हो कि कल से यहां दो दिन का भाजपा का प्रशिक्षण शिविर शरू हुआ। इसमें पार्टी के आला नेताओं का जमावड़ा रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित पार्टी के तमाम बड़े नेता इसमें शामिल हुए। सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल तो हुए है लेकिन यहां रात नहीं रुके। इन्हीं किवदंतियों के चलते दोनों इंदौर में ठहरे। धारणा है कि जो भी राजा या मुख्यमंत्री यहां रात में रुका उसे इसका खामियाजा सत्ता गंवाकर या फिर किसी नुकसान के जरिए उठाना पड़ा हैं। इसी डर के चलते आज भी सत्ताधारी यहाँ रात नहीं गुजारते। वहीं, सिंधिया परिवार के सदस्य यहां इसी मिथ के चलते रात में नहीं रुकते हैं।
गौरतलब है की उज्जैन में 2 दिन तक चलने वाले प्रशिक्षण वर्ग में बीजेपी के दिग्गजों का जमावड़ा है। विधायकों के साथ-साथ मुख्यमंत्री शिवराज सहित कई दिग्गज प्रशिक्षण वर्ग में मौजूद रहे। बता दे कि बीजेपी विधायकों का प्रशिक्षण वर्ग इससे पहले 13 और 14 फरवरी को पचमढ़ी में आयोजित किया जाने वाला था, लेकिन बाद में इसकी तारीख में बदलाव हुआ और यह तय किया गया कि यह प्रशिक्षण वर्ग 12 और 13 फरवरी को उज्जैन में किया जाएगा।