ओबीसी आरक्षण पर सीएम ने की बैठक, कहा कांग्रेस द्वारा पिछड़ा वर्ग के साथ हुआ है छल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई दिनों से ओबीसी आरक्षण पर चर्चा कर रहे हैं| वहीं मंगलवार को फिर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने अपने निवास पर बैठक की|  इसमें पिछड़ा वर्ग से जुड़े 15 संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सरकार इस मामले को पूरी ताकत के साथ न सिर्फ न्यायालय में लड़ेगी, बल्कि पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन कराएगी। इसके लिए अलग से आयोग बनाया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ पिछड़ा वर्ग से लोगों से ही फीडबैक लेकर अनुशंसाएं करेंगे, जिसके आधार पर सरकार योजनाएं बनाएगी।
कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पिछड़ा वर्ग को कांग्रेस द्वारा किए गए छल की जानकारी देने के लिए मंत्री, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पिछड़ा वर्ग से जुड़े 15 से ज्यादा संगठनों के प्रतिनिधियों से आरक्षण की स्थिति को लेकर चर्चा की और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाने के बाद 12 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को बुलाएंगे। 1 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से प्रकरण की अंतिम सुनवाई कर फैसला करने का आवेदन दिया जाएगा।
बता दें कि मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने के मामले को लेकर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में सरकार के आदेश पर रोक बरकरार रखी है। 1 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।

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