दिल्ली हिंसा :मुंबई दंगे याद नहीं जब नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद दंगे और भड़क गए थे :चीफ जस्टिस 

 दिल्ली : दिल्ली हिंसा में भड़काऊ भाषण देने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट भेज दिया है तथा सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को यह निर्देश भी दिया है कि जल्द से जल्द इसकी सुनवाई की जाए। 
चीफ जस्टिस एसए वोबड़े जस्टिस बीआर गवाही और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने बुधवार को कहा कि हिंसा से जुड़े मामले की सुनवाई में देरी ठीक नहीं है।  आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को की सुनवाई 13 अप्रैल को तय की थी। 
याचिकाकर्ताओं के वकील कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि अगर हिंसा से पहले इन नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाता तो शायद हिंसा नहीं होती।  जिसपर  चीफ जस्टिस ने कहा कि किआपका यह कहना सही नहीं है कि नेताओं को गिरफ्तार कर लेने के बाद हिंसा या दंगे नहीं होंगे कभी-कभी नेताओं को गिरफ्तार करने से भी दंगे हो जाते हैं।  क्या आपको मुंबई दंगे याद नहीं जब नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद दंगे और भड़क गए थे। 
 क्या हुआ था  दिल्ली में 


दरअसल 24 और 25  फरवरी  को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क गयी थी ,जिसके कारण 35 लोगों को की जान चली गयी। इसी हिंसा के दौरान भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने विवादित बयां दिया था। आपको बता दे की इसी हिंसा के संदर्भ में आप पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन को भी पुलिस गिरफ्तार क्र चुकी है है।  ताहिर पर दंगे भड़काने का आरोप है। 
 

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