
छिंदवाड़ा : बेटे के रवैये से नाराज किसान ने आधी जायदाद ‘‘कुत्ते’’ के नाम लिखी
- सम्पति विवाद से परेशान बुजुर्ग का निर्णय
- मेरे जीते-जी वे मेरे लिए सबसे अधिक प्रिय हैं ‘‘जैकी’’
भोपाल/ राजकमल पांडे। जिले के चौरई विधानसभा की तहसील चांद से अनूठा मामला सामने आया है बाड़ीवाड़ा गांव के एक किसान ओमनारायण वर्मा ने संपत्ति के विवाद से परेषान होकर अपनी आधी जमीन पालतू कुत्ते ‘‘जैकी’’ के नाम कर दी है. ओमनारायण के पास करीब 21 एकड़ जमीन बताई जा रही है. उनकी दो पत्नियां हैं जिससे पहली पत्नी से तीन बेटी और एक बेटा है. दूसरा पत्नी से दो बेटियां हैं.
ओमनारायण ने बताया कि उनका इकलौता बेटा संपत्ति के लिए झगड़ा करता है, उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा है कि मेरी सेवा मेरी दूसरी पत्नी और पालतू कुत्ता करता है, इसलिए मेरे जीते-जी वे मेरे लिए सबसे अधिक प्रिय हैं। मेरे मरने के बाद पूरी संपत्ति और जमीन-जायदाद के हकदार पत्नी चंपा वर्मा और पालतू कुत्ता जैकी होंगे। साथ ही कुत्ते की सेवा करने वाले को जायदाद का अगला वारिस माना जाएगा। वसीयत में जैकी की उम्र 11 माह लिखी गई है
कानून की नजर में कुत्ते अबोध
कुत्ते को कानून की नजर में अबोध माना जाता है, लिहाजा संरक्षक ही वसीयत संभालता है। किसान ने कुत्ते के प्रति अत्यधिक लगाव के कारण इस प्रकार की वसीयत लिखी होगी।
जो ‘‘जैकी’’ का ध्यान रखेगा, जमीन उसकी
ओमनारायण का कहना है कि मेरी सेवा दूसरी पत्नी और कुत्ता ‘‘जैकी’’ करता है, इसलिए मैंने दोनो के नाम संपत्ति की है. आगे चलकर जो ‘‘जैकी’’ का ध्यान रखेगा, वही उसके हिस्से की जमीन का वारिस होगा.