MP की राजनीति के बदलते समीकरण, कभी कट्टर विरोधी रहे सिंधिया-विजयवर्गीय ने दिए ये संकेत, हलचल तेज़ 

इंदौर : कभी एक दूसरे के कट्टर विरोधी रहे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पहली बार एक मंच साझा किया, जो इस समय प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, दोनों के एक साथ आते ही प्रदेश में हलचल तेज़ हो गई। 

दरअसल, अब सिंधिया कांग्रेस से दलबदल कर बीजेपी में हैं। लेकिन एक दल और सियासी हालात बदलने के बाद भी कैलाश विजयवर्गीय ने कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंच सांझा नहीं किया। यहां तक कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय के घर उनसे मिलने पहुंचे, तब भी उनकी मुलाकात कैलाश विजयवर्गीय से नहीं हो पाई थी. इसलिए कयासों का दौर लगातार चलता रहा कि दोनों दिग्गज नेताओें के बीच MPCA की पुरानी अदावत अभी भी बाकी है। 

लेकिन इंदौर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में दोनों दिग्गजो ने एक साथ मंच सांझा किया। इस दौरान कभी घुर विरोधी रहे दोनों नेताओं ने मंच पर गुफ्तगूं और हंसी ठहाके ने किसी की धड़कनें बढ़ा दीं तो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दी। 

इसके बाद प्रदेश में अब चर्चा यही है कि क्या ये मध्य प्रदेश की राजनीति के बदलते समीकरण हैं? बता दे कि चार राज्यों में जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय का एक मंच पर आना एक नया संकेत और समीकरण है। कहा जा रहा है दोनों नेताओं के एक जाजम पर आने से एमपी में बीजेपी की न केवल ताकत बढ़ेगी, बल्कि मिशन 2023 की कामयाबी में भी ये जोड़ी अहम भूमिका निभाएगी। 

 

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