प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पीएमओ ने ट्वीट कर दी जानकारी

नई दिल्ली/प्रियंक केशरवानीः- रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते भारत के हजारों बच्चे विदेश में है। मेडिकल की पढ़ाई करने क्योंकि भारत में मेडिकल यूनिवर्सिटी की फीस काफी ज्यादा है जिस वजह से वह यूक्रेन में पढ़ाई करने गए थे। लेकिन वहां कि स्थिति देखते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है। इसके बाद पूरे भारत में मेडिकल शिक्षा को लेकर सियासत शुरू हो गई है। जिसको देखते हुए केंद्र सरकार और भारत के प्रधानमंत्री ने बड़ा फैसला लिया है और ट्वीट करते हुए जानकारी साझा की है।

दरअसल, भारत में मेडिकल की पढ़ाई बहुत महंगी है शयद यही वजह है कि हर साल लाखों छात्र और छात्राएं मेडिकल की डिग्री हांसिल करने विदेश जाते है। डॉक्टर बनने की ख्वाहिश रखने वाला हर शख्स चाहता है कि उनका एडमिशन सरकारी कॉलेज में हो जाए, क्योंकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के मुकाबले सरकारी कॉलेज की फीस बहुत कम होती है।

जिसके बाद केंद्र ने फैसला किया है कि देश में ही एमबीबीएस या मेडिकल के अन्य कोर्सेस की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को ज्यादा पैसा नहीं देना होगा, इस बात की जानकारी पीएमओ ने ट्वीट कर दी है।

Exit mobile version