सियासत! क्या भारत में रहकर किसी को "पाकिस्तान जिंदाबाद" के नारे लगाने की अनुमति दी जा सकती है? BJP नेता का बड़ा बयान 

भोपाल : बीते कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के उज्जैन का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते दिखाई दिए। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ इस बात को लेकर सवाल खड़े होने लगे कि क्या भारत में रहकर किसी को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने की अनुमति दी जा सकती है? उज्जैन की इस घटना को लेकर सियासत भी जमकर हुई थी। हालांकि, ये सियासत अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहीं है। अभी भी सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष के नेताओं के बयान इस मामले पर सामने आ रहे हैं। 

अब इस मामले में शनिवार को बीजेपी नेता और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया का बड़ा बयान सामने आया, जिसने एक बार फिर प्रदेश में हलचल को तेज़ कर दिया है। दरअसल, मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में कहा कि कानून में कोई ऐसी धारा जोड़ी जानी चाहिए, जिसमें अगर कोई भारत माता की जय या वंदे मातरम नहीं बोलता है तो उसकी नागरिकता खत्म कर दी जाए। शत्रु राष्ट्र के नारे लगाने वालों की भी नागरिकता खत्म होनी चाहिए। पवैया के मुताबिक ऐसा कानूनी प्रावधान होना चाहिए कि जो लोग ऐसा न करें उनका संपत्ति का अधिकार भी छीन लेना चाहिए। भारत कोई धर्मशाला नहीं है। 

बीजेपी नेता जयभान सिंह पवैया के इस बयान के बाद प्रदेश में एक बार फिर सियासत का दौर शुरू हो गया है। 

जानें क्या था पूरा मामला 

घटना 19 अगस्त की रात जीवाजीगंज थाना क्षेत्र में हुई। यहां एक कार्यक्रम को लेकर बड़ी संख्या में लोग गीता कॉलोनी में इकट्ठा हुए और कथित तौर पर पाकिस्‍तान जिंदाबाद के नारे लगाए। जिसके बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि पुलिस इस मामल में 10 लोगों से पूछताछ कर रही थी। उज्जैन जिले के एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया था कि हमारे पास जो वीडियो और एविडेंस (सबूत) हैं, उनका एनालिसिस चल रहा है। जो भी लोग इस मामले में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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