
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में अभी 27 सीटें खाली हैं। जिसपर जल्द ही चुनाव होने हैं। लेकिन उस से पहले कांग्रेस को एक बार फिर फूट का डर सता रहा हैं। दरअसल, मार्च में माह में कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया, जिसके बाद राज्य से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई। जबकि जुलाई के महीने में कांग्रेस के तीन और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस को अभी भी बगावती का डर सता रहा हैं।
बता दे कि कांग्रेस का ये डर और बढ़ गया जब कांग्रेस से भाजपा में आए पीएचई मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने इस बात का दावा किया कि कई कांग्रेस विधायक उनके संपर्क में हैं। मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने कहा कि विधायकों-मंत्रियों का आपस में संपर्क रहता हैं। जहां जिसका सम्मान किया जाएगा वो वहां जाएगा और हमारे परिवार में सबका स्वागत हैं।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव में कांग्रेस को पता चल जाएगा कि किसको शुद्धि की जरूरत हैं। जब हमने कांग्रेस छोड़ी तो कई विधायक हमारे साथ थे। हमने हमेशा सम्मान से राजनीति की हैं।