भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने फिर की सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश, पार्टी ने दफ्तर बुलाया

Bhopal Desk, Gautam :- भाजपा सांसद गिरिराज सिंह (Giriraj singh) के विवादित बयान पर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने उन्हें पार्टी दफ्तर तलब किया है। हाल में ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक विवादित बयान दिया था जिसमे में उन्होंने देवबंद को आतंकवाद से जोड़ा था।

बिहार के बेगुसराय (Begusarai) से भाजपा सांसद गिरिराज सिंह अपने बयानों को लेकर अक्सर ही चर्चा में बने रहते हैं।  इससे पहले अमित शाह भी इसी मसले पर उनको दफ्तर तलब कर चुके हैं पर शायद गिरिराज सिंह मानने वालों में से नहीं है। एक बार फिर उनके बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है। लेकिन इस बार फिर अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा ऑफिस बुलाया है और माना जा रहा है कि उन्हें चेतावनी भी दी गयी है। पर ये सुधरेंगे के नहीं यह तो बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों में आपको देखने को मिलेगा।

क्या था मामला
गिरिराज सिंह ने सहारनपुर में 12 फरवरी एक कार्यक्रम में कहा था कि, “देवबंद आतंकवादियों की गंगोत्री है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जितने भी आतंकी हुए हैं या आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनके तार कहीं न कहीं देवबंद से जुडे हुए हैं। देवबंद से आतंक को हमेशा समर्थन मिलता है। और कई आतंकवादी भी यहाँ आकर रुके हैं चाहे हफीज सईद हो या कोई और।”

इनके पूर्व क्षेत्र में आये दिन होते थे दंगे
हर बार जब भी सिंह जी का मुंह खुलता है तब कुछ ऊलूल-जुलूल ही बोलते नज़र आते हैं। इससे पहले भी उन्हें भाजपा दफ्तर से चेतावनी मिल चुकी है। पर शायद अपनी आदत से मजबूर एक तबके के लिए जाने किस प्रकार की घृणा रखने वाले सांसद अपने बयानों से बाज़ नहीं आते। जिस क्षेत्र से यह पहले सांसद से उस क्षेत्र की अवस्था भी कुछ ऐसी ही हैं। बिहार के नवादा से सांसद रह चुके गिरिराज सिंह के कार्यकाल के दौरान भी कई बड़े दंगे हुए थे। और आज भी मुस्लिम हिन्दू दंगे हो जातें हैं। इतने संवेनशील इलाके से पूर्व सांसद होने के बाद भी उनके जुबान पर अलग ही राग रहता है। अपने इनको कभी भी विकास के मुद्दों पर बात करते हुए शायद ही सुना होगा।

एक तरफ भाजपा कहती है हम जातियों में भेदभाव नहीं करते। हमारी पार्टी हिन्दू-मुस्लिम एजेंडे पर चुनाव नहीं लड़ती और पिछले दिनों से अगर भाजपा के बड़े नेताओं का बयान उठा लें तो आप भी बहुत कुछ समझ जायेंगे।

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