
नई दिल्ली – बीते करीब 10 दिन पहले ही लक्ष्मी विलास बैंक (Laxmi Vilas Bank) और सिंगापुर के डीबीएस बैंक (DBS Bank of Singapore) की भारतीय इकाई के विलय की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट ने दी थी। जिसके बाद आरबीआई (RBI) ने दोनों बैंकों के विलय की घोषणा की थी। वहीं भारत में यह पहला मौका है जब देश में मुश्किल में फंसे किसी बैंक को डूबने से बचाने के लिए विदेशी बैंक की सहायता ली जा रही हैं। ज्ञात हो कि लक्ष्मी विलास बैंक पिछले 3 साल से घाटे में चल रही थी। लक्ष्मी विलास बैंक 94 साल पुराना बैंक हैं।
अब इस मामले में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanyam Swami) ने दोनों बैंकों के विलय में भारी भ्रष्टाचार की बात कही हैं। बीजेपी सांसद ने केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके एक बैंक डील (Bank Deal) में भारी भ्रष्टाचार की बात कही हैं। इतना ही नहीं इससे पहले भी भाजपा सांसद ने राफेल (Rafael) खरीद के समय भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay singh) ने मोदी सरकार पर निशाना साधा हैं।
दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने ट्वीट करते हुए लिखा की – लक्ष्मी विलास बैंक और DBS बैंक (जो कि सिंगापुर का है) के विलय में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। यह आरोप भाजपा के संसद सुब्रमण्यम स्वामी जी ने लगाया है। राफ़ेल ख़रीद के समय भी उन्होंने यह आरोप लगाया था। क्या वे लोकपाल के सामने तथ्यों के साथ जाएँगे? जाना चाहिए। https://t.co/tgJHr96R3Q