
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – हमेशा अपने बयानों से पार्टी की मुश्किलें बढ़ाने वाले मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी इस समय जमकर प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहे हैं। दरअसल, उन्होंने अलग विंध्य प्रदेश बनाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। बुधवार को 300 से ज्यादा कारों का काफिला लेकर सीधी जिले के चुरहट पहुंचे थे।इसके बाद से ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हैं।
भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी इस मांग को लेकर लगातार पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने रीवा में एक प्रेसवार्ता में कहा था कि आने वाले दिनों में एक बड़ा जन आंदोलन करेंगे। अलग विंध्य प्रदेश बनाए जाने को लेकर छात्र-छात्राओं से भी चर्चा करेंगे, जिससे इस मांग को मजबूती मिल सके। खबर है कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के सभी जिलों में सभाएं और संवाद का कार्यक्रम तय कर लिया है, जल्द ही इसे एक बड़े जन आंदोलन का स्वरुप दिया जाएगा। इसको लेकर विधायक लगातार सतना, रीवा और सीधी में जगह-जगह बैठक कर रहे हैं। साथ ही वह जन समर्थन भी जुटाने में लगे हैं।
विधायक के इस आंदोलन ने बीजेपी में खलबली का माहौल है, पार्टी नेता लगातार विधायक को मनाने में जुटे हैं। अगर यह आंदोलन और विरोध तेज होता है तो इसका असर नगरीय निकाय और बजट सत्र पर पड़ना निश्चित हैं। मालूम हो कि 22 फरवरी से MP विधानसभा का बजट सत्र भी शुरु होने वाला है, जबकि मार्च-अप्रैल के माह में नगरीय निकाय चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में यह आंदोलन पार्टी की मुश्किलें बढा सकता हैं।
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें बुलाकर पार्टी लाइन से हटकर कोई बात नहीं करने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद भी त्रिपाठी ने अलग विंध्यप्रदेश की मांग को लेकर संघर्ष करने की तैयारी कर ली हैं।
वहीं मौके की तलाश में बैठी कांग्रेस भी त्रिपाठी की मांग पर बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर रही हैं। त्रिपाठी के यह तेवर भाजपा के लिए चिंता का मुद्दा बन गया हैं। गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार के दौरान विधानसभा में अपनी ही पार्टी के खिलाफ वोट देकर सुर्ख़ियों में आये मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी की नई मांग ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।