भाजपा ने चुनाव क्षेत्रों में नेताओं के पीछे छोड़े जासूस, इस तरह से की जाएगी निगरानी…

- छोटी-छोटी सूचनाओं के विश्लेषण की व्यवस्था भी की सुनिश्चित
- हर दिन की अलग-अलग होगी रणनीति
भोपाल:- मध्यप्रदेश की 4 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में मैदानी स्तर पर नजर रखने के लिए भाजपा ने अपना निगरानी तंत्र भी सक्रिय कर लिया है. खंडवा लोकसभा सहित रैगांव, जोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा के बूथ स्तर पर चुनाव प्रबंधन से जुड़ी अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं. नेताओं से लेकर प्रचार और चुनाव संचालन से जुड़ी हर सूचना पर नजर रखी जा रही है. दरअसल, दमोह चुनाव के परिणामों से मिले सबक और कतिपय शिकायतों के बाद भाजपा ने इस बार माइक्रोलेवल से यह व्यवस्था बनाई है. चुनावी क्षेत्रों के 10-12 हजार भाजपा ने छोटी-छोटी सूचनाओं के विश्लेषण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है. बूथ, मंडल विधानसभा और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं कीटोलियों को यह काम सौंपा गया है क्षेत्र से किसी भी स्तर पर कमजोर कड़ी अथवा उदासीनता की भनक लगते ही तुरंत संबंधित लोगों से बात करने जिला और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियो की ड्यूटी तय की गई है. पार्टी ने आशंका वाले इलाकों में भीतरघात को रोकने पुख्ता मोर्चाबंदी के साथ खबरी भी सक्रिय किए गए हैं.
इस तरह बनाई गई है रणनीति
यह व्यवस्था मंडल और जिलों से लेकर प्रदेश स्तर पर अलग-अलग लेयर में बनाई गई है. सारी सूचनाएं नीचे से ऊपर तक पिरामिड की तर्ज पर पहुंचाई जा रही है. जिन्हें विश्लेषण के बाद हर दिन की अलग रणनीति बन गई है. रिपोर्ट सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, प्रबंधन समिति संयोजक भूपेंद्र सिंह और प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव तक जा रही है ताकि तुरंत ही जरूरत के मुताबिक काउंटर किया जा सके.
यह है व्यवस्थाएं
पार्टी सूत्रों के मुताबिक खंडवा संसदीय क्षेत्र के सभी आठ और उपचुनाव वाले तीनों विधानसभा क्षेत्रों से 40 बिंदुओं पर प्रबंधन व्यवस्था की गई है. इसमें स्टार प्रचारक को से लेकर प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की कब कहां चुनावी सभा होगी और किस क्षेत्र में कौन से मुद्दे पर फोकस किया जाएगा यह भी निर्धारित किया जा रहा है.

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