बड़ा सवाल : डेंगू और वायरल का कहर, क्यों नहीं बढ़ाई गई हमीदिया अस्पताल में बेड की संख्या? स्ट्रेचर पर भर्ती मरीज़

- शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल “हमीदया” की व्यस्थाएं हुई लाचार
- डेंगू के मरीज़ बढे, बेड की कमी, स्ट्रेचर पर हो रहा है इलाज
- कोरोना के समय बढ़ाए गए थे बेड, अब क्यों नहीं?
भोपाल/खाईद जौहर : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस समय डेंगू और वायरल फीवर ने कहर मचा रखा है। बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों (आईपीडी) की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हमीदिया में शनिवार को 1800 से ज्यादा मरीज ओपीडी पहुंचे थे। जबकि, {जेपी अस्पताल में 400 में से करीब 325 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। जेपी अस्पताल में शनिवार को कुल आईपीडी करीब 1600 के पार थी।
हालात एक बार फिर ऐसे बन चुके है कि शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल में बेड की कमी देखी जा रहीं हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में पिछले एक हफ्ते में 100 से ज्यादा मरीजों को बेड खाली नहीं होने का कहकर लौटाया जा चुका है। अब परेशानी यह है जिन मरीजों को लौटाया जा रहे वे कहां इलाज कराएं।
बता दे कि हालात ये है कि बेड कम पड़ने के कारण मरीजाें को स्ट्रेचर पर लेटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। सवाल यह उठता है कि जब कोरोना के वक्त इसी अस्पताल में 1250 बेड की व्यवस्था की गई थी तो अब क्यों नहीं? अभी यहां सिर्फ 928 बेड हैं। जबकि अभी डेंगू और वायरल फीवर केे मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कहा जा रहा है कि सबसे ज़्यादा दिक्कत परेशानी मेडिसिन डिपार्टमेंट के मरीजों को हो रही है।
वहीं, इस पुरे मामले पर हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे ने बताया कि लगभग सभी वार्डों में बेड फुल हैं। मरीजों को वापस नहीं करना पड़े इसके लिए 60 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है। हम ताे ये प्रयास करते हैं कि सभी मरीजों को उचित इलाज मिले। जबकि, एचओडी, मेडिसिन विभाग के डॉ. सिम्मी दुबे ने कहा कि वायरल और डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसे में ओपीडी के साथ-साथ आईपीडी भी बढ़ी है। वर्तमान में हमारे सभी वार्ड फुल हैं। बावजूद इसके अधिक से अधिक मरीजों को मैनेज कर रहे हैं।


.jpeg)

