स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, हाईकोर्ट में झूठ आया सामने, 200 से ज्यादा वेंटिलेटर नहीं हुए इस्तेमाल, आखिर क्यों?

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, हाईकोर्ट में झूठ आया सामने, 200 से ज्यादा वेंटिलेटर नहीं हुए इस्तेमाल, आखिर क्यों?

 मध्य प्रदेश में दूसरी लहर में जब दवाई वेंटिलेटर ऑक्सीजन इत्यादि की किल्लत थी तब प्रदेश में 204 वेंटिलेटर इस्तेमाल नहीं किए गए. लोग वेंटिलेटर के बिना अपनी जान गवा दिए. पर यह 204 वेंटीलेटर सरकारी अस्पतालों के स्टोर रूम में रखे रह गए.

 बताते चले कि जबलपुर हाईकोर्ट में गुरुवार को कोरोना महामारी मामले में संज्ञान लेते हुए 14 याचिकाओं पर सुनवाई की. जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी लापरवाही सामने आई. जिसने यह बात सुनकर सामने आई कि सरकारी अस्पतालों के स्टोर रूम में 204 वेंटीलेटर रखे रह गए इनका इस्तेमाल नहीं किया गया. वही कोर्ट ने अब आदेश दिया है कि प्राइवेट अस्पतालों में जिस तरह से मरीजों के इलाज के नाम पर लूट की है उसकी ऑडिट कराई जाएगी.

 जबलपुर हाईकोर्ट अगली सुनवाई 21 जून को करेगा. अस्पतालों ने 204 वेंटिलेटर को यह कहकर इस्तेमाल नहीं किया कि इनमें बैकअप व्यवस्था नहीं है. सरकार के जवाब पर कोर्ट मित्र ने आपत्ति जताई है उन्होंने कहा कि अगर यह सारे वेंटिलेटर इस्तेमाल किए गए होते तो शायद मध्यप्रदेश में इतनी मौतें ना होती. कोर्ट मित्र की आपत्ति के बाद राज्य सरकार से जबलपुर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है.

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