जबलपुर:- नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन सप्लाई मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सिटी अस्पताल के संचालक पर केस दर्ज,

जबलपुर:- नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन सप्लाई मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सिटी अस्पताल के संचालक पर केस दर्ज,

 

जबलपुर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन सप्लाई के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा, देवेश चौरसिया और सपन जैन पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ। मोखा विहिप के नेता भी हैं.

मोखा पर आरोप है कि इसने 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कोविड मरीजों को लगा दिए. इन मरीजों में से कई की मौत होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस की टीमें सरबजीत की तलाश कर रही हैं.

 

गौरतलब है कि विगत दिनों गुजरात पुलिस ने नकली रेमडेसीवीर मामले में सपन जैन को गिरफ्तार किया था. उसने पूछताछ में सरबजीत सिंह मोखा का नाम लिया. इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के अंदर नकली इंजेक्शन की चैन का भंडाफोड़ कर दिया. जांच में सामने आया कि सरबजीत ने 500 नकली इंजेक्शन इंदौर से बुलवाए थे. इन इंजेक्शन को उसके अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगवा दिया गया और उनकी जान से बड़ा खिलवाड़ किया गया.

 

 कैसे हुआ मामले का खुलासा :-

 इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने गुजरात में एक फॉर्महाउस पर रेड मारा था जहां से धीरे-धीरे कई लोगों के नाम सामने आते गए.

जांच में पता चला था कि करीब एक लाख फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन देशभर के अलग-अलग राज्यों में बेचे गए हैं. इसी कड़ी में गुजरात पुलिस 7 मई को जबलपुर आई और आधारताल निवासी दवा व्यवसायी सपन जैन को गिरफ्तार कर ले गई. इसके बाद जबलपुर पुलिस भी हरकत में आई थी और लगातार दो दिनों से ताबड़तोड़ छापे मारे. सपन जैन की तीन दवा दुकानों को पहले ही सील कर दिया गया था, जबकि पूछताछ में दो बड़े अस्पतालों के नाम भी सामने आए थे. इसी जांच में सिटी अस्पताल के संचालक का नाम उजागर हो गया.

 

 पुलिस मोखा की तलाश में जुटी हुई है

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