
भोपाल: सिलावट और गोविंद सिंह को नहीं मिला मंत्री पद तो देंगे सिंधिया समर्थक इस्तीफा ?
भोपाल/राजकमल पांडे। राजनीति और बाजनीति में जमीन आसमान का अंतर राजनीति जनता की सेवा के लिए किया जाता है और बाजनीति में जनता की स्थिति चाहे जो हो नेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं. ऐसे ही सांवेर विधायक तुलसी सिलावट व सुरखी के गोविंद सिंह राजपूत हैं. समर्थकों का कहना है कि अगर इन्हें मंत्री पद नहीं मिला तो संभवतः शिवराज सिंह सरकार में शामिल सिंधिया समर्थक मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं. और इस्तीफा देने की सुगबुगाहट इतनी तेज हुए की प्रदेश भाजपा में हडकंप मच गया. पर संगठन महामंत्री सुहास भगत ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को दे रखी है. जहां प्रदेश सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की संख्या सात है. इस्तीफे के बाद कम हो जायेगी. सिंधिया अपनी जिद में अडे हैं कि तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह बस को नहीं बल्कि हारे हुए समर्थकों की भी पुर्नवास चाहते हैं. जहां डबरा से पराजित हुई इमरती देवी और डबरा से हारे गिर्राज दंडोतिया का निगम में अध्यक्ष पद दिलाने की जिद है. यहां तक इमरती के लिए मप्र महिला वित विकास निगम का नाम भी सिंधिया ग्रप की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया है. पर इस बीच शिवराज कह चुके हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के गठन के बाद किया जायेगा. अब कार्यकारिणी का गठन कब होगा इस पर संशय बरकारार है. वहीं प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष से कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा कर चुके हैं. अपितु सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है कि सिंधिया के समर्थकों को मंत्रिमंडल और निगम मंडल में रखने की जगह नहीं बन रही है. सिंधिया समर्थकों संगठन में रहकर सत्ता में पद की मांग कर रहे हैं. जिससे शिवराज की मुश्किले और बढ रही हैं. पर शिवराज बीच का रास्ता निकालने में लगे हुए हैं कि कोई हल निकल जाए और सिंधिया समर्थकों को जगह दी जाए पर सिंधिया अपने समर्थकों को लेकर कोई देरी नहीं चाहते हैं वह आनन-फानन मंत्रिमंडल और निगम मंडल में अपने समर्थकों को पद दिलाने में अडे हुए हैं.