
- हर वक़्त छाए रहते हैं अँधेरे
- स्ट्रीट लाइट न लगने की वजह से जनता में है वारदात की आशंका
- प्रशासन का बिलकुल भी ध्यान नहीं है इसपर
भोपाल / गरिमा श्रीवास्तव :- भोपाल (Bhopal) तो नया बन गया पर सड़कों की व्यवस्था वही पुरानी की पुरानी है आपको बता दें कि नए भोपाल के तमाम क्षेत्रों की सड़कों पर लाइट नहीं है जिससे यहां पर आने जाने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है लाइट ना होने की वजह से रात में काफी अंधेरा छा जाता है जिसकी वजह से किसी भी प्रकार के वारदात की आशंका हर वक्त बनी रहती है फिर भी सरकार का ध्यान इस तरफ बिल्कुल भी नहीं है।
वर्ष 2017 में जिले की शीर्ष अधिकारियों द्वारा राजधानी की कई सड़कों और पॉइंट को चिन्हितकर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन बाद में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया प्रशासन के इस प्रकार के लापरवाही का भुगतान हर वक्त जनता को भुगतना पड़ता है इसका परिणाम यह हुआ है कि आज तक सड़कों पर हर वक्त अंधेरा छाया रहता है। कुछ वक्त पूर्व ही प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही है छात्रा के साथ हबीबगंज इलाके में गैंगरेप की घटना के बाद कलेक्टर व तत्कालीन डीआईजी ने रात में राजधानी की कई सड़कों के पॉइंट का जायजा लिया था और उन स्थानों को चिन्हित किया था जहां पर लाइट की सख्त जरूरत है पर कुछ वक्त बाद ही सभी उस घटनाक्रम को भूल गए और कहीं पर भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाया गया,चिन्हित पॉइंट्स में 12 थाना क्षेत्रों के 85 मार्ग शामिल थे !
इस पर नगर निगम प्रवक्ता हरीश गुप्ता (Harish Gupta) ने कहा कि जहां जहां सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की जरूरत थी वहां लाइट लगा दी गई है तकनीकी कारणों से नहीं चल रही है तो उन्हें दिखवाकर ठीक कराया जाएगा।
प्रशासन की ऐसी लापरवाही से आए दिन सड़कों पर घूम रहे दरिंदे कई वारदात को अंजाम देते हैं ! गलती करें प्रशासन और भुगतान भुगते जनता यह कहां का न्याय है ?क्या मुख्यमंत्री को यह बिल्कुल भी नहीं दिखाई देता की सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट की कितनी बुरी दुर्दशा है।