
सड़को के जाल से हो रही विकास की राह आसान – मुख्यमंत्री चौहान
मनरेगा और प्रधानमंत्री सड़क योजना में निर्मित सड़को का हुआ वर्चुअल लोकार्पण
बड़वानी से हेमंत नागझिरिया की रिपोर्ट : – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना काल में श्रमिको और किसानो सहित नागरिको की तकलीफें दूर करने का भरसक प्रयास किया गया। हमारा देश गांव में बसता है। अधोसंरचना क्षेत्र में कार्य से आर्थिक गतिविधियो को बल मिलेगा और वर्तमान दिक्कतो को दूर किया जा सकेगा। विशेषकर सड़को का जाल बिछाने से विकास की राह आसान हो रही है। मुख्यमंत्री चौहान आज मिंटो हाॅल भोपाल में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्मित लगभग 13 हजार ग्रामीण सड़को का वर्चुअल लोकार्पण कर रहे थे। लोकार्पित सड़को में उप चुनाव वाले जिलो की सड़को को लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायतो, स्व-सहायता समूहो, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियो ने भागीदारी की।
मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना काल में बनी ग्रामीण सड़क कार्यों की सराहना करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निभाई गई सक्रिय भूमिका के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सड़को के निर्माण से आम लोगो की जिन्दगी बदलती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी ने देश में वृहद स्तर पर सड़को के निर्माण का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री मोदी भी इस दिशा में रुचि लेकर सड़को के निर्माण के कार्यों को गति देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि सड़को के साथ ही ग्रामो में आवास क्षेत्र में भी अधिकाधिक कार्य कर उपलब्धि प्राप्त करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में मार्च में कोरोना संक्रमण के उपचार की संपूर्ण व्यवस्थाएं की गईं। इस संकट के समय में स्थानीय और प्रवासी श्रमिको की रोजी-रोटी की समस्या को दूर करते हुए उन्हें विभिन्न कार्यों से संलग्न किया गया। रोजगार सेतु पोर्टल बनाया गया। आजीविका मिशन के तहत महिलाओ ने स्व-सहायता समूहो के माध्यम से बड़ी संख्या में मास्क, साबुन और सेनेटाइजर का निर्माण कर कोरोना के विरुद्ध अपनी भागीदारी दर्ज की। किसान कल्याण के लिए भी अनेक कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय खाद्य निगम के गोदामों के द्वार खोल दिए। जरूरतमंदो को राशन मिला। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के कार्यों में कोई बाधा नहीं आने देगी। ऐसे कार्यों के लिए धनराशि की कमी आड़े नहीं आएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि खेत सड़क योजना पर ध्यान देंगे। इससे किसान अपनी मेहनत से उगाए उत्पादन को विक्रय के लिए आसानी से भेज सकेगा। मुख्यमंत्री चौहान ने इस अवसर पर कोरोना से अपना बचाव करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि फिलहाल फेस मास्क ही वैक्सीन है। प्रत्येक व्यक्ति अपना बचाव करे, सावधानी में ही सुरक्षा है।
आपदा को अवसर में बदला गया
कोरोना काल में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 4 हजार 120 किलो मीटर लंबी 12 हजार 960 ग्रामीण सड़को का निर्माण करवा कर आपदा को अवसर में बदला। ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओ के अंतर्गत यह सड़कें 1359 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुई हैं। लोकार्पण वाले 33 जिलो में 4.83 लाख कार्यों में 46.39 लाख श्रमिको को नियोजित किया गया। कुल 11.62 करोड़ मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। कोरोना आपदा काल में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ विकास प्रक्रिया सतत जारी रखते हुये ये सड़कें बनाई गईं। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 15 लाख श्रमिक दिवस सृजित किए गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1104 किलो मीटर लम्बी 171 सड़कें एवं 47 बड़े पुल शामिल हैं। इनकी लागत 691.41 करोड़ रूपये है। पंचायत ग्रामीण विकास विभाग ने इस अवधि में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 3016 किलो मीटर लंबाई की सीमेंट कांक्रीट की 10 हजार 792 सड़कें तथा ग्रामोदी के भीतर स्कूल, मजरे- टोलो आदि में सुगमता से आने-जाने के लिये 1997 ग्रेवल भी निर्मित कीं, जो ग्रामवासियो के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणो ने भी देखा इस कार्यक्रम को
प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल लोकापर्ण के इस कार्यक्रम को एनआईसी बड़वानी के माध्यम से प्रधानमंत्री सड़क योजना से लाभान्वित कन्ड्रा की सरपंच लिखाबाई दरबार, ग्राम के पटेल शांतिलाल निगवाल एवं सीसी रोड़ से लाभान्वित तलवाड़ा बुजुर्ग के सरपंच कैलाश चैना, कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा, जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह, प्रधानमंत्री सड़क के महाप्रबंधक एसपीएस सावले, सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल के प्रतिनिधि जगदीश धनगर, जनपद पंचायत पाटी के उपाध्यक्ष दिलू मालवीय के साथ – साथ अन्य पदाधिकारियों ने भी देखा ।
ज्ञातव्य है कि वर्चुअल लोकापर्ण में बड़वानी की 207 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, सुदूर सड़क एवं सीसी रोड़ भी सम्मिलित थे ।