बड़वानी/पलसूद मामले में सहायक उपनिरीक्षक व प्रधान आरक्षक निलंबित

बड़वानी। आयुषी जैन. हाल ही में बड़वानी में हुई घटना जहां पुलिस का रौद्र रूप खुलकर सामने आया है जहां पुलिस ने बेरहमी से मार पीट की थी, पलसूद में हुए घटनाक्रम को निर्धारित प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री नरेश अग्रवाल ने सहायक उपनिरीक्षक श्री सीताराम भटनागर एवं प्रधान आरक्षक श्री मोहन जमरे को तत्काल निलंबित कर दिया है.

ये है मामला,
दरअसल पलसूद के वार्ड क्रमांक – 15 में रहने वाला प्रेम सिंह चावला सिकलीगर फलिया स्थित गुरुद्वारे में ग्रंथी है। पुरानी पुलिस चौकी के पास वह ताला-चाबी की दुकान लगाकर जीवन यापन करता है। गुरुवार शाम को पुलिस बिना मास्क के घूमने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर रही थी। जिस समय पुलिस इस क्षेत्र में गश्ती करते हुए पहुंची प्रेम सिंह अपना सामान समेटकर घर की ओर रवाना हो रहा था। पुलिस ने उससे गाड़ी के कागज मांगे। कागज नहीं होने पर उन्होंने चालन के 250 रुपए मांगे। इस पर प्रेम सिंह ने कहा कि उसने दिनभर में 200 रुपए ही कमाए हैं। 250 रुपए कहां से दूं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया.

सीएम शिवराज की प्रतिक्रिया :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बोले – बड़वानी जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मेरा हृदय द्रवित है! ऐसी बर्बरता और अराजकता मैं किसी भी हाल में सहन नहीं करूंगा। दोषियों को उनके कुकर्मों की सज़ा अवश्य मिलेगी। एएसआई सीताराम भटनागर और हेड कांस्टेबल मोहन जामरे को सिख बन्धुओं के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के लिए तुरंत निलंबित किया गया है। सिखों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच इंदौर आईजी द्वारा की जाएगी और इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

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